349
माननीय श्री के. सन्थानम : क्या यह ऐसे व्यक्ति को सम्मिलित नहीं करता जो निवारक उद्देश्यों के लिए गिरफ्तार किया गया है? मैंने सोचा था कि वाक्य खंड (1) हर प्रकार की गिरफ्तारी सम्मिलित करता है।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : नहीं, हमारी यह भावना किसी प्रकार नहीं है। मामलों को दो श्रेणियों में विभाजित कर दिया गया है। श्री महावीर त्यागी : वह वकील है।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : यह अदालत में है यहाँ नहीं है।
माननीय सभापति : वह वकील नहीं हैं।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : मैं समझता हूँ यह कहना बहुत अच्छा होगाः वाक्य खंड (1) और (2) वाक्य खंड (3) पर लागू नहीं होंगे। यही इरादा है। इस प्रकार उनकी आलोचना का उत्तर मैंने दिया है या पूर्ति की है।
मैं अब बिना जांच अथवा मुकदमा चलाए तीन माह हवालात में रखने के प्रश्न पर आता हूँ। कुछ सदस्यों ने कहा था कि यह 15 दिन से अधिक नहीं होना चाहिए और दूसरों ने सलाह कुछ अन्य समय की दी इत्यादि, इत्यादि। मैं सदन को बताना चाहूँगा कि हम क्यों सोचते हैं कि तीन माह सहन करने योग्य समय है और पंद्रह माह बहुत लम्बा। मेरे पास आवेदन किए गए थे कि निरोध के मामलों पर विचारणीय होने चाहिए। हम नहीं जानते कि इस देश में स्थिति किस प्रकार विकसित होगी, हालात क्या होंगे जिसे देश भुगतेगा, संविधान कब व्यवहार में आता है। क्या इस देश में मनुष्य और संस्थाएं (पार्टियां) शक्ति हासिल करने के लिए संवैधानिक तरीके का व्यवहार करेंगी अथवा अपने उद्देश्य पूरा करने के लिए असंवैधानिक तरीके अपनाएंगी। यदि हम सभी अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए शुद्ध संवैधानिक तरीका, मैं समझता हूँ तो स्थिति भिन्न होगी और कदाचित निवारक निरोध रखने की आवश्यकता बिल्कुल भी न हो।
लेकिन मैं सोचता हूँ कि विधि बनाने में हमें सर्वोत्तम पर विचार करना चाहिए न कि बदतर पर। इसलिए यदि हम उस स्थिति पर विचार करते हैं, जैसे कि यहाँ बहुत सी पार्टियाँ और व्यक्ति हो सकते हैं जो बहुत संतोषी नहीं हों, यदि मैं एक सा कहना चाहूँ, संवैधानिक तरीकों पर चलने के लिए लेकिन अपने उद्देश्य प्राप्त करने में और उद्देश्य के लिए असंवैधानिक तरीके चालू करने के लिए असंतोषी हैं। तब यहाँ बड़ी संख्या में व्यक्ति होंगे जिन्हें कार्यपालिका ने रोक रखा होगा। मान लो यहाँ बड़ी संख्या में लोगों को उनके गैर-कानूनी अथवा कानून के विरुद्ध कार्यों के लिए रोक रखा है और हम उस नियम के उप वाक्य खंड (क) के उपबंध को