अनुच्छेद 15-क - Page 376

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श्री टी.टी. कृष्णमाचारी : डॉ. अम्बेडकर ने इस प्रस्ताव का एक भाग स्वीकार कर लिया है। इस पर मतदान करने की आवश्यकता नहीं है। यदि इसे अस्वीकार कर दिया जाए तो डॉ. अम्बेडकर इसके एक भाग को स्वीकार करने को समर्थ नहीं रहेंगे।

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* माननीय सभापति : ....मैं सोचता हूँ यही वे सब संशोधन हैं जिनको हमने कल पेश किया था। डॉ. अम्बेडकर ने कुछ संशोधन आज पेश किए हैं और मैं अब उनको मत के लिए रखूंगा।

(छह संशोधन अस्वीकार हुए।)

(निम्नलिखित संशोधन स्वीकार हुए)

“कि अनुच्छेद 15-क के खंड (1) में ’परामर्श’ शब्द के पश्चात् ’और के द्वारा बचाव हो’ शब्द रखे जाएँ।“

“कि अनुच्छेद 15-क के खंड (3) में ’इस धारा की किसी बात में’ शब्द कोष्ठक और अंक के स्थान पर ’अनुच्छेद के खंड (1) और (2) में’ रखे जाएं।“

“कि अनुच्छेद 15-क के खंड (3) के पश्चात् निम्नलिखित खंड रखा जाएः

’(3क) खंड (3) के उपखंड (ख) के अधीन किसी व्यक्ति के बारे में जहाँ एक आदेश होता है आदेश करने वाला अधिकारी जैसे ही उसे आधार की सूचना मिलेगी जिस पर आदेश किया गया था और आदेश के विरुद्ध तुरंत उसे एक आवेदन का अवसर प्रदान करेगा।

(3-ख) इस अनुच्छेद के खंड (3-क) को किस बात में अनुच्छेद खंड (3) के उपखंड (ख) के अधीन कोई आदेश करने वाला अधिकारी तथ्यों को

खोलना आवश्यक समझेगा जिनको यह अधिकारी खोलना सार्वजनिक हित के विरुद्ध समझता है।’“

“कि अनुच्छेद 15-क के खंड 94 के अंत में निम्नलिखित जोड़ा जाए :

’और इस अनुच्छेद के खंड (3) के परंतुक के खंड (क) के अधीन जांच करने

* ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 14 सितम्बर, 1949 पृ. 1570