अधीनस्थ न्यायालय - Page 377

356 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

में सलाहकार बोर्ड द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया के लिए संसद को भी विधि बनानी चाहिए।’“

अनुच्छेद 15-क संशोधित रूप में संविधान में जोड़ा गया।

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माननीय सभापति : मुझे खेद है कि मैं डॉ. बक्शी टेक चन्द के संशोधन को मत के लिए रखना भूल गया। वास्तव में यह आवश्यक नहीं था। डॉ. अम्बेडकर के संशोधन से यह पूरा हो जाता है।

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अनुच्छेद 209-क

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकर : श्रीमन, मैं पेश करता हूँ :

“कि भाग VI के अध्याय VII और IX के बीच अनुच्छेद 209 के पश्चात् निम्नलिखित रखे जाएँ :

अध्याय
अधीनस्थ न्यायालय
k; ky ;

जिला न्यायाधीशों 209क. (1) किसी राज्य में जिला न्यायाधीश नियुक्त होने वाले जिला न्यायाधीशों

की नियुक्ति व्यक्तियों की नियुक्ति तथा उनकी पदस्थापना और पदोन्नति

ऐसे राज्य के संबंध में अधिकारिता का प्रयोग करने वाले उच्च की नियुक्ति

न्यायालय से परामर्श करके राज्य का राज्यपाल करेगा।

(2) कोई व्यक्ति जो संघ की या राज्य की न्यायिक सेवा में जिला न्यायाधीशों सेवा में पहले से नहीं लगा हुआ है, जिला न्यायाधीश न्यायिक सेवा में जिला न्यायाधीशों

से भिन्न व्यक्तियों की भर्ती होने के लिए केवल तभी पात्र होगा जब कि वह से भिन्न व्यक्तियों की भर्ती

सात से अन्यून वर्षों तक अधिवक्ता था या वकील रह चुका हो तथा उसकी नियुक्ति के लिए उच्च न्यायालय ने सिफारिश की हो।

* ख्., सीएडी, खण्ड IX, दिनांक 16 सितम्बर, 1949, पृ. 1570-71