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’(छ) ’तत्स्थानी प्रदेश’ तत्स्थानी देशी रियासत अथवा तत्स्थानी राज्य से शंका की दशा में अभिप्रेत है ऐसे प्रांत, देशी रियासत अथवा राज्य जो राष्ट्रपति द्वारा ’तत्स्थानीय प्रदेश, तत्स्थानीय देशी रियासत अथवा तत्स्थानी राज्य के बारे में प्रश्न के विशेष उद्देश्य के लिए जैसी भी स्थिति हो, निश्चित हो।’“
हमने केवल देशी रियासतों को सम्मिलित किया है।
श्री एच. वी. कामथ : हम अब भी राज्य और देशी रियासतों का अंतर बनाए रखे जा रहे हैं।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : इसमें अंतर। अब एक राज्य का अर्थ है संघ का संघटक भाग। देशी रियासत का अर्थ है ऐसा राज्य जो संघ के बाहर है लेकिन जो संघ की सर्वोपरिता अथवा नियंत्रण के अधीन है।
श्री आर.के. सिधवा : क्या कच्छ राज्य जो इस समय केंद्र द्वारा प्रशासित है देशी रियासत है? क्या भोपाल भी?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : देशी रियासत को बहुत बाद में परिभाषित किया गया है।
माननीय सभापति : देशी रियासत की परिभाषा बाद में संशोधन संख्या 140 में दी गई है।
श्री टी.टी. कृष्णमाचारी : सदस्यों के दिमाग में कुछ गलतफहमी दिखाई देती है। ’तत्स्थानी प्रदेश’ ’तत्स्थानी देशी रियासत’ शब्द वे शब्द हैं जो संविधान के प्रारंभ से पहले थे। ’तत्स्थानी प्रदेश’ संविधान के प्रारंभ होने के पश्चात् अस्तित्व में आया है। दोनां के बीच केवल यही अंतर है। मुझे आशा है कि इस मामले में अब कोई गलत-फहमी नहीं होगी।
(डॉ. अम्बेडकर का संशोधन स्वीकार हुआ।)
[ खंड (1) का खंड (छ) संशोधित रूप में अनुच्छेद 303 में जोड़ा गया। ]
माननीय सभापति : उसके बाद (ज)। इसका एक संशोधन हैः
[ अनुच्छेद 303 के (1) में उपखंड (ज) जोड़ा गया। ] माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : श्रीमन, मेरा प्रस्ताव है :
“कि अनुच्छेद 303 के (1) के उपखंड (झ) में लेकिन यूनाइटेड किंगडम की संसद की किसी विधि को सम्मिलित नहीं करता अथवा सभा में किसी ऐसे अधिनियम के अधीन सम्राट को सपरिषद कोई आदेश इसमें शामिल नहीं है‘ शब्द लुप्त कर दिए जाएँ।’’