18 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
माननीय सभापति : क्या यह अधिक अच्छा नहीं होगा यदि हम अनुच्छेद 172 को पहले निपट लें?
श्री टी.टी. कृष्णमाचारी : यह पूर्णतया आपके विवक द्वारा निश्चय किया जाना है। हम अनुच्छेद 172 को पहले ले सकते हैं और उसके बाद अनुच्छेद 175 पर मतदान करा सकते हैं।
माननीय सभापति : क्या आपको कोई आपत्ति है?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकर (बम्बई : जनरल) : मुझे कोई आपत्ति नहीं है।
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महोदय, मैं पूर्णतया आपके साथ हूँ।
माननीय सभापति : तब हम पहले 172 को निपटाएंगे और उसके बाद 175 पर विचार करेंगे।