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अनुच्छेद 172
* माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकर : अध्यक्ष महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूँ :
विधेयकों जो वित्तीय विधेयक “कि अनुच्छेद 172 के लिए, अधोलिखित अनुच्छेद विधेयकों जो वित्तीय विधेयक
नहीं हैं के सम्बन्ध में विधान
परिषद् के अधिकारों पर नियंत्रण। 172. (1) यदि किसी राज्य जिसमें विधान परिषद है की विधान सभा ने विधेयक पारित कर दिया है और परिषद् के अधिकारों पर
नियंत्रण।
उसे उस विधान परिषद् के लिए भेज दिया है उसके बाद -
(अ) विधेयक परिषद् द्वारा अस्वीकार कर दिया जाता है; अथवा
(ब) जिस तारीख को विधेयक परिषद् के सामने रखा गया है तब से दो
महीने बीत जाते हैं और इसके द्वारा विधेयक पारित नहीं किया जाता है;
अथवा
(स) परिषद् द्वारा विधेयक ऐसे संशोधनों के साथ पारित कर दिया जाता है
जिनसे विधानसभा सहमत नहीं है तो विधानसभा उसी या किसी अगले सत्र
में किए गये, सुझाए गये अथवा विधान परिषद् द्वारा सम्मत किन्हीं संशोधनों
के साथ या उनके बिना विधेयक को पुनः पारित कर सकती है और इस
तरह पारित किए गए विधेयक को विधान परिषद् को भेज सकती है।
(2) यदि कोई विधेयक इस प्रकार विधानसभा द्वारा दूसरी बार पारित कर दिया जाता है और विधानपरिषद को भेज दिया जाता है उसके बाद-
(अ) यदि विधेयकपरिषद् द्वारा अस्वीकार कर दिया जाता है; अथवा
(ब) जिस तारीख को विधेयक परिषद् के समक्ष रखा जाता है तब से उसे
विधानपरिषद् द्वारा पारित किए बिना एक महीने से अधिक समय बीत
जाता है;
(स) अथवा जिनसे विधानसभा सहमत नही है; तो विधेयक अपने उस रूप में
जिसमें विधानसभा किन्हीं ऐसे संशोधनों के साथ जिनसे विधानसभा सहमत
हो चुकी है यदि कोई हैं पारित किया गया था, राज्य की विधानपालिका
के दोनों सदनों द्वारा पारित किया हुआ मान लिया जायेगा।
(3) इस अनुच्छेद की कोई बात वित्तीय विधेयक पर लागू नहीं होगी।
* ख्., सीएडी, खण्ड IX, 1 अगस्त, 1949, पृ. 44