अनुच्छेद 83-अ - Page 46

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अनुच्छेद 176

* माननीय सभापति : तब हम अनुच्छेद 176 पर आते हैं।

माननीय डॉ बी. आर. अम्बेडकर : मैं सुझाव देता हूँ कि यह अच्छा होता यदि हम 83-अ लें और इसे निपटा दें।

माननीय सभापति : मैं नहीं समझता कि अनुच्छेद 176 में कुछ है। हम इसे अभी ले सकते हैं। इसमें मुश्किल से कोई संशोधन हैं........

[ अब अनुच्छेद 176 में कोई संशोधन नहीं है। अनुच्छेद 176 अपना लिया गया और संविधान में जोड़ दिया गया। ]

* * * *
अनुच्छेद 83-अ

** माननीय सभापति : क्या अब हम अनुच्छेद 83 पर वापस आयें?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकर : अध्यक्ष महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूँ :

“कि अनुच्छेद 83 के बाद अधोलिखित नये अनुच्छेद को सन्निविष्ट कर दिया जायः

सदस्यों की अयोग्यताओं 83अ (1) संसद के किसी सदन का कोई सदस्य पूर्ववर्ती सदस्यों की अयोग्यताओं

के प्रश्न पर निर्णय अनुच्छेद की धारा (1) के अधीन अयोग्य ठहराया गया के प्रश्न पर निर्णय

है या नहीं के संबंध में यदि कोई प्रश्न उठता है तो वह

प्रश्न राष्ट्रपति के निर्णय के लिए भेजा जायेगा और उनका निर्णय अंतिम होगा।

(2) इस प्रकार के प्रश्न पर निर्णय देने से पूर्व राष्ट्रपति निर्वाचन आयोग की राय प्राप्त करेगे और इस प्रकार की राय के अनुसार कार्य करेंगे।’“

कहने के लिए यह अनुच्छेद, अनुच्छेद 167-अ की प्रतिकृति है जिसे हमने उस दिन पारित किया था जो राज्यों में समान स्थितियों पर लागू होता है और इसलिए मैं नहीं सोचता कि किसी अधिक व्याख्या की आवश्यकता होगी।

[ नया अनुच्छेद 83-अ अपना लिया गया और संविधान में जोड़ दिया गया। ]

* ख्., सीएडी, खण्ड IX, 1 अगस्त, 1949, पृ. 62

** ख्., सीएडी, खण्ड IX, 1 अगस्त, 1949, पृ. 62