अनुच्छेद 213 - Page 50

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माननीय सभापति : मैं सोचता हूँ कि यह अधिक अच्छा है। यदि कुछ भी घटित होता है हम चन्दरनागौर के संबंध में बाद में उसके लिए व्यवस्था कर सकते हैं। हम अनुच्छेद 212 लें।

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूँ :

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“कि संशोधन की सूची की संशोधन सं. 2713 के संदर्भ में अनुच्छेद 212 की धारा (2) को निकाल दिया जाय।“

यह संशोधन क्यों किया जा रहा है इसका कारण है क्योंकि भाग III में उल्लिखित राज्यों के संबंध में सभी प्रावधान अलग अनुसूची में अलग से किये जा रहे हैं। परिणामस्वरूप, धारा (2) को यहाँ बनाये रखना अनावश्यक है।

मैं यह भी प्रस्ताव करता हूँः

“कि अनुच्छेद 212 की धारा (1) तथा धारा (1) के उपबन्ध में ’राज्यपाल या शासक’ शब्दों के लिए जहाँ भी ये आते हैं, वहाँ ’सरकार’ अभिव्यक्ति प्रतिस्थापित की जाय।“

माननीय सभापति : हमारे पास इस अनुच्छेद के काफी संख्या में संशोधन हैं जिसका नोटिस दिया गया है। मैं उन्हें एक-एक करके लूंगा।

* * * *

[ विभिन्न संशोधनों पर चर्चा के बाद अनुच्छेद 212 जैसा कि डॉ. अम्बेडकर के संशोधन द्वारा संशोधित किया गया था, अपना लिया गया और संविधान में जोड़ दिया गया। ]

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अनुच्छेद 213

* माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकर : महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूँ :

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“कि संशोधन की सूची की संशोधन संख्या 2722 के संदर्भ में अनुच्छेद 213 के लिए, अधोलिखित अनुच्छेद प्रतिस्थापित किया जायः

’213 (1) इस संविधान में अन्तर्विष्ट किसी बात का विरोध न करते हुए संसद कानून द्वारा किसी राज्य के लिए तदर्थ रूप से पहली अनुसूची के भाग II में उल्लिखित और मुख्य आयुक्त या उपराज्यपाल के द्वारा प्रशासित गठित कर या बनाये रख सकती है -

* ख्., सीएडी, खण्ड IX, 1 अगस्त, 1949, पृ. 73