6. बंबई वंशानुगत कार्य अधिनियम - Page 112

बंबई वंशानुगत कार्य अधिनियम-संशोधन विधेयक

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शामिल करना — धारा 19 के बाद निम्नलिखित धाराएं शामिल की जाएंगी। 19क. कलक्टर द्वारा उपज के रूप में वसूली के अधिकार को समान धन उपकर के रूप में परिवर्तित करना — जब वतनदारों के प्रतिनिधियों का पूरा संगठन अथवा उनमें से अधिकांश जिनको वतन की वसूली का अधिकार उपज के रूप में है, कलक्टर से उसको धन उपकर के रूप में बदलने का निवेदन करते हैं, तो कलक्टर उसे समान धन उपकर में बदल देगा।

19ख. कलक्टर द्वारा धन उपकर की वसूली और भुगतान — जब उपज के रूप में वसूली के अधिकार को समान धन उपकर में परिवर्तित कर दिया गया है, तो वतनदारों के प्रतिनिधियों का पूरा संगठन अथवा उनमें से संबंधित अधिसंख्य प्रतिनिधि कलक्टर से आवेदन कर सकते हैं कि उनसे वूसली की जाए, जिन्हें भुगतान करना है। तब कलक्टर भू-राजस्व के साथ तथा उसके एक भाग क रूप में वसूली करेगा और यह निर्देश देगा कि इसे सरकारी खजाने से वतनदारों को भुगतान किया जाए। 19ग. वतनदारों के आवेदन पर कलक्टर यह निर्णय लेगा कि सरकार की सेवाओं के लिए तथा किसानों की सेवाओं के लिए कितनी राशि देना वाजिब है — उपज के रूप में वसूली के अधिकार को सरकार और किसानों, दोनों के प्रति की गई सेवाओं के लिए सम्मिलित प्रतिलाभ मान लिया जाए, तो वतनदारों के प्रतिनिधियों का पूरा संगठन अथवा उनमें से अधिकांश जिनको उपज के रूप में वसूली का अधिकार धन उपकर में परिवर्तित हो चुका है, वे कलक्टर से आवेदन कर सकते हैं कि वह निर्णय करे कि उनकी सरकार के प्रति सेवाओं के लिए और किसानों के प्रति सेवाओं के लिए धन उपकर की कितनी राशि बकाया है, तो कलक्टर यह निर्णय करेगा। कलक्टर का दिया गया निर्णय अंतिम माना जाएगा। 19घ. वतनदारों को किसानों की किसी भी सेवा को करने से इंकार करने का विकल्प — वतनदारों का पूरा संगठन अथवा उनमें से अधिकांश जिन्होंने उस निर्णय की मांग की है, जिसका उल्लेख खंड 19ग में है, उन्हें किसानों की सेवाकार्य करने से इंकार की छूट है। बशर्ते कि वे इसके लिए कलक्टर को अपना निर्णय लिखित रूप में भेजें। यदि इस विकल्प का वतनदार प्रयोग करते हैं, तो किसानों के प्रति सेवाकार्य के लिए मिलने वाला धन उपकर का भाग उन्हें नहीं मिलेगा।

  1. 1874 के बंबई 3 की धारा 21 में संशोधन — धारा 21 में ‘ऐसी अवधि’ शब्दों के स्थान पर ‘10 वर्ष की अवधि’ शब्दों का प्रयोग किया जाएगा।

  2. 1874 के बंबई 3 की धारा 83 में संशोधन — धारा 83 को अब इस प्रकार पढ़ा जाएगा :

  3. धारा 18 की व्यवस्था को छोड़कर, सरकार का किसी भी वंशानुगत कार्य के कर्तव्यों से संबंधित कानून बनाने का अधिकार होगा। बशर्ते कि इस धारा के