6. बंबई वंशानुगत कार्य अधिनियम - Page 115

98 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

धारा 6 का उद्देश्य ‘मुख्यतः’ शब्द के प्रयोग द्वारा यह ठीक-ठीक परिभाषित करना है कि समाज की सेवा के लिए उत्तरदायी कौन है।

धारा 7 में यह व्यवस्था है कि कलक्टर को यह तय करने की स्वतंत्रता नहीं होगी कि वसूली उपज के रूप में की जाए या रुपयों में।

धारा 8 अधिनियम में चार और नई धाराएं जोड़ती है।

धारा 19क वतनदारों को उपज के रूप में भुगतान को परिवर्तित करके रुपयों में भुगतान करने के लिए कलक्टर को आवेदन करने का अधिकार देती है और कलक्टर से भुगतान समान राशि में परिवर्तित करने की अपेक्षा की जाती है। धारा 19ख कलक्टर को बाध्य करती है कि वतनदार चाहे तो वह धन उपकर की उगाही राजस्व के भाग के रूप में कर सकता है।

धारा 19ग कलक्टर को उस वतनदार के संबंध में जिसका सरकार और किसानों को दी गई सेवाओं के लिए पारिश्रमिक का भुगतान संयुक्त होता है, निर्णय लेने का अधिकार देती है कि कितना पारिश्रमिक सरकार की सेवाओं से है और कितना किसानों की।

अनुमति दी गई।

डॉ. भीमराव अम्बेडकर : महोदय! मैं विधेयक प्रस्तुत करता हूं।

माननीय अध्यक्ष : विधेयक प्रस्तुत हुआ।