7. खोती व्यवस्था उन्मूलन विधेयक - Page 116

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1937 के खोती व्यवस्था के उन्मूलन

हेतु विधेयक संख्या 20 *

निम्नांकित विधेयक जिसे बंबई विधान सभा की 17 सितंबर 1937 की बैठक में विधायक डॉ. भीमराव अम्बेडकर को प्रस्तुत करने की अनुमति दी गई है, उसे बंबई विधान सभा के नियम 20 के अधीन प्रकाशित किया जाता है। 1937 का विधेयक संख्या 20

खोती व्यवस्था के उन्मूलन हेतु विधेयक

जबकि यह उचित और आवश्यक है कि कृषि से राजस्व प्राप्त करने की जो व्यवस्था है, जिसे खोती व्यवस्था कहा जाता है, उसका उन्मूलन होना चाहिए और रैयतवादी व्यवस्था के सिद्धांतों को लागू करना चाहिए, क्योंकि यह उस क्षेत्र के लिए अधिक लाभप्रद है, जहां खोती व्यवस्था चालू है। एतद्द्वारा इसे इस प्रकार अधिनियमित किया गया है :

  1. संक्षिप्त शीर्षक और विस्तार - इस अधिनियम को खोती उन्मूलन अधिनियम, 1937 कहा जाएगा। इसे पूरी बंबई प्रेसिडेंसी में लागू किया जाएगा।

खोती व्यवस्था का उन्मूलन - इस अधिनियम के पारित होने के बाद सरकार के लिए सरकारी गजट में अधिसूचना द्वारा यह घोषित करना विधिसम्मत होगा कि अमुक क्षेत्र के अमुक खोत अथवा खोत लोगों के खोती व्यवस्था के अंतर्गत मिलने वाले अधिकारों को उस तिथि से समाप्त किया जाता है, जिसका उल्लेख उल्लिखित अधिसूचना से किया जा सकता है।

  1. अधिसूचना के बाद खोत को खोत के रूप में काम करने का अधिकार नहीं होगा और सरकार उसे काम देने अथवा उसे खोत के रूप में मान्यता देने के लिए बाध्य नहीं होगी - ऐसी अधिसूचना जारी होने की तिथि से प्रचलित कानून, प्रथा और दस्तूर, जिनके अनुसार खोत को खोत के रूप में काम करने का अधिकार है या जो सरकार को खोत को काम देने अथवा मान्यता देने के लिए बाध्य करते हैं,

* बोंबे गवर्नमेंट गजट, भाग 5, पृ. 88 - 94, 21 अक्टूबर 1937