11. बंबई पुलिस अधिनियम-संशोधन विधेयक - Page 163

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बंबई पुलिस अधिनियम —

संशोधन विधेयक *

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डॉ. भीमराव अम्बेडकर (बंबई नगर) : महोदय! हमारे सम्मुख लाए गए विधेयक में मैं निम्नांकित संशोधन प्रस्तावित करने का निवेदन करता हूं :

उपधारा (2 ख) के बाद निम्नांकित को जोड़ा जाएगा, यथा — (12ग) (1) यदि प्रेसिडेंसी की सरकार संतुष्ट है कि बंबई नगर या इसके किसी भाग में शांति या व्यवस्था दो समुदायों अथवा उसके वर्गों, गिरोहों या गुटों के झगड़े के फलस्वरूप भंग होती है या भंग होने की आशंका है, तो यह सरकारी गजट में इस घोषणा (जिसका अब से आपातकाल की घोषणा से उल्लेख किया जाएगा) के द्वारा यह निर्देश कर सकता है कि आपातकाल लागू हो गया है। (2) आपातकाल की घोषणा —

(क) किसी असली घोषणा द्वारा वापस ली जा सकती है, और (ख) एक महीने की समाप्ति के बाद उसका परिपालन बंद हो जाएगा, अगर इस अवधि की समाप्ति के पूर्व इसका नवीकरण नहीं किया जाता है। (3) प्रेसिडेंसी को सरकार द्वारा खंड (1) के तहत आपातकाल की घोषणा कर दिए जाने के बाद जब भी पुलिस आयुक्त को यह लगे कि बंबई नगर में किसी व्यक्ति की उपस्थिति, गतिविधियां या कार्य कोई खतरा या संकट पैदा कर रहा/रहे हैं या करने वाले हैं या उचित संदेह हो कि यह व्यक्ति शांति अथवा व्यवस्था भंग करने वाले षड्यंत्र करने का इरादा रखता है, तो यह (पुलिस आयुक्त) मुनादी कराकर या किसी अन्य तरह से, जो भी ठीक लगे, उस संदिग्ध आदमी को ऐसा आचरण करने के लिए निर्देश देगा, जो कि झगड़े

* बोंबे लेजिस्लेटिव असेम्बली डिबेट्स, खंड 3, पृ. 2430-33, 27 अप्रैल 1938