11. बंबई पुलिस अधिनियम-संशोधन विधेयक - Page 167

150 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

के लिए देता है कि इस अधिकार का दुरुपयोग न हो। दूसरा फायदा जो कि यह संशोधन देता है, वह यह है, यह हो सकता है कि सरकार आपातकाल की घोषणा कर दे और इसे वापस लेने या निरस्त करने से इंकार कर दे, जिससे कि इस तथ्य के बावजूद कि आपातकाल खत्म हो गया है, पुलिस आयुक्त इन अधिकारों का उपयोग करता रहे, तो इसके संबंध में संशोधन में जो प्रावधान दिया गया है, उसके प्रति मैं सदन का ध्यान आकर्षित करना चाहूंगा। इस संशोधन द्वारा यदि सरकार इसका नवीकरण न करे, तो घोषणा के एक महीने के बाद आपातकाल खत्म हो जाएगा। इससे इसमें फिर से पर्याप्त रक्षोपाय कर दिया गया है कि एक महीने के बाद अधिकार समाप्त हो जाएगा।

एक अन्य रक्षोपाय जिसकी तरफ मैं सदन का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं, वह है उपधारा (6) जो बहुत महत्त्वपूर्ण है। यद्यपि यह संशोधन पुलिस आयुक्त को ऐसे व्यक्ति को निर्वासित करने का अधिकार देता है, जो उसके विचार में सांप्रदायिक दंगे करा रहा है, तथापि निर्वासन के इस अधिकार में एक पाबंदी यह जोड़ी गई है कि जैसे ही आपातकाल की घोषणा की अवधि खत्म होती है, वैसे ही यह आदेश स्वयंमेव खत्म हो जाता है, ताकि जो आदमी पुलिस के द्वारा निर्वासित किया गया है, वह बंबई वापस लौट सके। वह भी, मैं कहता हूं कि एक रक्षोपाय है।

एक दूसरा रक्षोपाय जिसकी तरफ मैं सदन का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं, वह यह है कि इसमें पुलिस आयुक्त के आदेश के खिलाफ प्रेसिडेंसी की सरकार से एक अपील की व्यवस्था है। इससे कोई ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन कुछ तो पड़ेगा ही।

अब मैं अन्य प्रस्तावित संशोधनों के संबंध में केवल एक-दो बातें कहना चाहूंगा। मैं समझता हूं कि मेरे माननीय मित्र गृह मंत्री इससे सहमत होंगे कि कल जब हमने इस संशोधन की धारा (1) तैयार की तब इस बात पर सबकी सहमति थी कि यह धारा श्रम संबंधी झगड़े या अन्य झगड़ों के लिए प्रयुक्त नहीं होगी, सिवाए उन झगड़ों के जो समुदायों के बीच, एक मायने में धार्मिक समुदायों के बीच, या गुटों द्वारा धार्मिक मतभेदों के कारण होते हैं। मेरे विचार में यह सब पूर्ण रूप से सांप्रदायिक दंगों तक सीमित हैं। और मैं माननीय गृह मंत्री द्वारा दिए गए इस आश्वासन से पूरी तरह से संतुष्ट हूं कि इसको किसी अन्य पर लागू करने का इरादा नहीं है। किंतु अगर इस सदन के माननीय सदस्य यह चाहते हैं कि इसमें कोई कमी या बचाव का रास्ता न रह जाए जिनकी वजह से कार्यपालिका इस धारा के प्रावधानों का उपयोग निर्धारित उद्देश्यों के अलावा अन्य उद्देश्यों से करे, तो मैं इसका अर्थ स्पष्ट करने के लिए पूरी तरह उनके साथ हूं।

‘उपस्थिति’ शब्द के संबंध में मुझे यह जरूर कहना है कि मैं इस संशोधन का *** बोंबे लेजिस्लेटिव असेम्बली डिबेट्स, खंड 3, पृ. 2497, 27 अप्रैल 1938 बोंबे लेजिस्लेटिव असेम्बली डिबेट्स, खंड 3, पृ. 2499-2501, 27 अप्रैल 1938