12. बंबई नगरपालिका अधिनियम-संशोधन विधेयक - Page 188

बंबई नगरपालिका अधिनियम संशोधन विधेयक 171

माननीय मंत्री महोदय ने बताया है कि हम अब वयस्क मताधिकार का प्रावधान कर रहे हैं, और चूंकि हमने वयस्क मताधिकार का प्रावधान कर दिया है, इसलिए संगठित श्रमिकों के अलग प्रतिनिधित्व के लिए प्रावधान करना आवश्यक नहीं है। मेरा यह सुनिश्चित मत है कि सदन के समक्ष विचाराधीन विधेयक में उन्होंने जिन प्रस्तावों को प्रस्तुत किया है, उन पर उन्होंने पर्याप्त ध्यान नहीं दिया है। मैं माननीय मंत्री से यह सूचना चाहूंगा कि क्या उनके विचार में वयस्क मताधिकार एक ऐसा संपूर्ण उपाय है, जिससे पालिका कर्मचारी प्रतिनिधित्व प्राप्त करने के लिए आश्वस्त हो सकते हैं। यदि ऐसा है, तो कामगारों के लिए चार पार्षदों को प्रतिनिधित्व देने संबंधी उपबंध की कोई आवश्यकता नहीं है। बोंबे चैंबर्स ऑफ कॉमर्स, इंडियन मर्चेंट्स चैंबर तथा मिल ऑनर्स एसोसिएशन को प्रतिनिधित्व की भी कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उन्हें चुनाव की सामान्य प्रक्रिया के माध्यम से प्रतिनिधित्व प्राप्त हो सकता है। यदि वयस्क मताधिकार के माध्यम से ही श्रमिकों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व प्राप्त हो सकता है, तो प्रतिनिधियों द्वारा चार पार्षदों के चयन का उपबंध भी अनावश्यक है। अतएव, यह तर्क दिया जा सकता है कि श्रमिकों द्वारा चार पार्षदों के चुनाव के उपबंध का मुख्य कारण यह है कि वयस्क मताधिकार का प्रावधान होते हुए भी श्रमिकों को चुनाव की साधारण प्रक्रिया के माध्यम से प्रतिनिधित्व प्राप्त नहीं हो सकता और मंत्री महोदय इस बात को समझते भी हैं। यदि श्रमिकों को श्रमिक निर्वाचन-क्षेत्र के जरिए प्रतिनिधित्व देना आवश्यक है, तो मैं यह कहना चाहूंगा कि आम श्रमिकों की अपेक्षा नगरपालिका के कामकाज और संविधान में अधिक रुचि रखने वाले नगरपालिका कर्मचारियों को विशेष प्रतिनिधित्व दिए जाने का यह भी एक अच्छा कारण है। इस आधार पर मेरा यह कहना है कि इस सदन को इस संशोधन का समर्थन करना ही चाहिए।