16. मंत्रियों के वेतन विधेयक - Page 207

190 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

मेरा सुझाव केवल इतना है कि क्या हम यह नहीं कह सकते कि एक मंत्री को 750 रुपए का समेकित वेतन दिया जाए। मैं केवल उनके विचार के लिए यह सुझाव रख रहा हूं। क्या इससे समस्या का समाधान नहीं किया जा सकता?

माननीय श्री बी.जी. खेर : महोदय! मेरे विचार में मैंने वही स्पष्ट किया है, जो हमने पूना में किया था, जहां चार सरकारी आवास उपलब्ध थे। बंबई में भी सकरारी आवास उपलब्ध होंगे। जो मंत्री और साथ-साथ अध्यक्ष महोदय एवं सभापति सरकारी बंगलों में रहेंगे, उन्हें किसी भत्ते का भुगतान नहीं किया जाएगा। वेतन के साथ भत्तों को मिलाने का प्रश्न ही नहीं है। सरकार द्वारा उपलब्ध आवासों के लिए जहां वे रहेंगे, किसी भत्ते का भुगतान नहीं किया जाएगा। यदि उनके पास अपने मकान हैं, वे उनमें रहना चाहें अथवा नहीं, यह पूर्णतया उन पर छोड़ दिया गया है। लेकिन मकान भत्ते के लिए 100 रुपए प्रति माह का प्रावधान अनुचित है। इस स्थिति में मैं नहीं सोचता कि वेतन और भत्तों को मिलाना संभव होगा। पूना में की गई व्यवस्था भली-भांति चल रही है! पूना में उपलब्ध सरकारी भवनों को विभाजित करने की व्यवस्था की गई है और मैं माननीय सदस्य डॉ. अम्बेडकर को आश्वासन दे सकता हूं कि अब हम एक सरकारी बंगले में दो अथवा तीन मंत्रियों के रहने की व्यवस्था कर रहे हैं, जहां पहले केवल एक मंत्री पूरी शान-शौकत से रहते थे। यदि बंबई में भी ऐसी ही व्यवस्था करें, तो मंत्रियों, अध्यक्ष महोदय तथा सभापति के लिए आवास की व्यवस्था करने के पश्चात् संभवतः हमारे पास किराए पर देने के लिए कुछ सरकारी आवास बच जाएंगे। इस तरह जो व्यवस्था हम करने जा रहे हैं, उसके फलस्वरूप

खर्च में कटौती होगी।

डॉ. भीमराव अम्बेडकर : मैं केवल उस समस्या के समाधान की ओर संकेत कर रहा हूं, जो हमारे सामने उठी है कि भारत सरकार अधिनियम में मंत्रियों के वेतन से संबंधित धारा में ‘भत्ते’ नाम का कोई शब्द नहीं है। वेतन के अतिरिक्त भत्तों का प्रावधान किया गया है, जो कि संभवतः अधिनियम के अंतर्गत स्वीकृत नहीं है, ताकि कोई समस्या न उठ खड़ी हो। मैं अपने माननीय मित्र को केवल यह सलाह दे रहा हूं कि वह सभी चीजों को मिला दें और उसमें से ‘वेतन’ और ‘भत्ता’ शब्द हटा दें और इस समस्या से छुटकारा पाएं। यह ठीक है कि हमें अभी एडवोकेट-जनरल से यह पता लगाना है कि उठाए गए मुद्दे में कोई सार है अथवा नहीं।