18. तंबाकू शुल्क अधिनियम-संशोधन विधेयक - Page 211

18

तंबाकू शुल्क अधिनियम

संशोधन विधेयक *

डॉ. भीमराव अम्बेडकर (बंबई नगर) : महोदय! सदन के माननीय नेता ने जो कहा है, मैं उसके उत्तर में निवेदन करना चाहता हूं कि यदि आप छूट और रोक के सिद्धांत का समर्थन करते हैं, तो मेरे माननीय मित्र श्री जमनादास मेहता, जो विचार-विमर्श करना चाहते हैं, वह सदन के नियमों के अनुसार प्रासंगिक होगा। सदन के माननीय नेता ने जो मुद्दा उठाया है, उसके संदर्भ में मैं यह निवेदन करना चाहता हूं कि सदन आसानी से यह दृष्टिकोण अपना सकता है कि उन्होंने पर्याप्त अनुदान राशि प्रदान की है और इससे ज्यादा और नहीं दी जाएगी। मैं निवेदन करना चाहता हूं कि सदन के नेता द्वारा उठाए गए मुद्दे का एक पूर्ण उत्तर होगा। इसलिए इस आधार पर कोई रोक या छूट न होगी कि सदन ने मुख्य ‘वित्तीय विधेयक’ के अंतर्गत विचार किए गए अन्य करों को अनुमति देकर आपूर्ति कर दी है।

महोदय! अब जो मैं मुद्दा उठाना चाहता हूं, वह मेरे ख्याल से यह है कि क्या यह वित्त विधेयक है या ऐसा विधेयक है, जो कर उगाहने के लिए मात्र प्रशासनिक कार्य-प्रणाली को नियंत्रित करता है। अगर यह विधेयक मात्र कर उगाहने की कार्य-प्रणाली और कर उगाहने के तरीके व प्रणाली को निर्धारित करने की व्यवस्था करता है, तो आपने जिस आदेश की बात की है, मैं उसकी प्रासंगिकता को अच्छी तरह से समझ सकता हूं। पर विधेयक में संलग्न उद्देश्य व कारणों के वक्तव्यों को देखने से मुझे लगता है कि शुरू से आखिर तक सरकार ने इस विधेयक को वित्त विधेयक के रूप में लिया है। विधेयक का मुख्य उद्देश्य अतिरिक्त राजस्व एकत्र करना है। कार्य-प्रणाली में परिवर्तन तो गौण है — अतिरिक्त राजस्व के लिए एक प्रशासन तंत्र प्रदान करना। सरकार को मद्यनिषेध की नीति से उत्पन्न घाटे को पूरा करने के लिए अतिरिक्त राजस्व एकत्र करना ही इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य है। मैं उद्देश्य व कारणों के वक्तव्य में से एक या दो अंशों का उल्लेख करना चाहूंगा :

अधिकतर देशों में तंबाकू पर पर्याप्त कर लगाए जाते हैं। नए मद्य-निषेध या मदिरा