न्यायपालिका की स्वतंत्रता 201
पीने की अनुमति है अथवा नहीं, और अध्यक्ष महोदय ने कहा था कि पानी की भी अनुमति नहीं है।
माननीय अध्यक्ष : माननीय सदस्य (श्री मुकादम) ने ‘पेय’ के संदर्भ में नियमापत्ति को उठाया था, जिसके अनेक अर्थ हो सकते हैं, और इसलिए मैं पेय के अर्थ को पीने के पानी तक सीमित कर रहा हूं। मेरा ख्याल है कि माननीय सदस्य (श्री मुकादम) ने इस मुद्दे को माननीय सदस्य डॉ. अम्बेडकर के संदर्भ में उठाया है, जिन्होंने भाषण देने से पहले अपने को शक्ति प्रदान करने के उद्देश्य से एक घूंट लिया था।
डॉ. भीमराव अम्बेडकर : महोदय! क्या मैं स्थिति स्पष्ट कर सकता हूं? मैं अपच से ग्रस्त हूं। डॉक्टर की हिदायतों के अनुसार मैं शनिवार और रविवार दो दिनों तक
खाना नहीं खाता और इन दोनों दिनों मुझे पानी की भी अनुमति नहीं है। इसलिए सोमवार को मैं काफी थका हुआ था और जब तक मैं पानी का एक घूंट नहीं लेता, भाषण नहीं दे सकता था। अगर मैंने सदन के शिष्टाचार व शालीनता के नियमों का हनन किया है, तो मैं सदन से क्षमा मांगता हूं।
माननीय अध्यक्ष : अब जबकि माननीय सदस्य डॉ. अम्बेडकर ने स्पष्टीकरण दे दिया है, मैं नहीं समझता कि इस मामले में मेज पर से गिलास हटाने के सिवाए कुछ और करने की आवश्यकता है (ठहाका)।