22. औद्योगिक विवाद विधेयक - Page 261

244 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

हूं, और उनका निष्कर्ष यह है, जिसे मैं पृष्ठ 30 से पढ़ रहा हूं :

यह आवश्यक नहीं है कि किसी एक उद्योग के समस्त कर्मचारी एक ही संघ में

संगठित हों, बल्कि वे अनेक विभिन्न संघों में सम्मिलित हो सकते हैं : कुछ मामलों

में संगठन जिलों के आधार पर होता है, जबकि अन्य मामलों में व्यावसायिक

आधार पर और किसी एक उद्योग में कर्मचारियों का एक भाग उस संघ में भी

शामिल हो सकता है जो सामान्यतः अन्य उद्योग के कर्मचारियों की आवश्यकता

पूरी करता हो या कोई सामान्य श्रमिक संघ हो। कई मामलों में आंशिक संघ

किसी ऐसे परिषद या महासंघ में सम्मिलित है, जो किसी खास उद्योग के संपूर्ण

भाग में या अधिकांश भाग में सक्रिय हैं या उस महासंघ या संघ में सक्रिय हैं,

जो विभिन्न उद्योगों में उसी व्यवसाय या उसके समान व्यवसायों में लगे सदस्यों

को लेते हैं, या आम श्रमिक संघों के किसी महासंघ से संबद्ध है।

इससे पता चलता है कि इंग्लैंड में आम श्रमिक संघ हो सकते हैं, अर्थात् विभिन्न उद्योगों में कार्यरत कर्मचारी परस्पर संगठित हो सकते हैं और संघ बना सकते हैं। आम श्रमिक संघ का भी यही अर्थ है। जहां तक उद्योग या व्यवसाय का संबंध है, हो सकता है कि एक मजदूर का दूसरे के साथ कोई मतलब ही न हो, इसलिए वहां आम श्रमिक संघ ही हो सकता है। लेखक यह भी बताता है कि इंग्लैंड में विभिन्न उद्योगों से संबंधित व्यक्ति संघ बना सकते हैं। उदाहरण के तौर पर मान लें कि कोई व्यक्ति खनिक है तो भी वह ऐसे किसी अन्य संघ का सदस्य बन सकता है, जिसका खानों से कोई संबंध नहीं है। इसलिए इंग्लैंड में कानून पूर्णतया कर्मचारियों पर यह बात छोड़ देता है कि वे किस ढंग से, किन परिस्थितियों में संगठित होंगे। कानून केवल यह देखता है कि संघ एक अवैधानिक निकाय न बन जाए। वह यह भी देखता है कि पंजीकरण से पहले संघ के निश्चित विधिसम्मत उद्देश्य हों। संघ के उद्देश्यों की जांच करने के अलावा अंग्रेजी कानून निश्चित रूप से यह नहीं देखता कि क्या संघ किसी एक निश्चित ढंग से संगठित है या संगठित नहीं है और मेरी समझ में यह नहीं आता कि इस देश में इस सिद्धांत को क्यों नहीं अपनाया जा सकता? मुझे इसमें कोई न्यायसंगत बात नजर नहीं आती और मुझे नहीं पता कि अब इस विधेयक में यह सिद्धांत क्यों प्रस्तावित किया गया है।

महोदय! क्या एक उद्योग या एक व्यवसाय में कार्यरत समस्त मजदूरों का संघ होना संभव है? मुझे यकीन है कि इसी कारण से यह संभव नहीं है। जैसा कि सब जानते हैं कि किसी श्रमिक संघ के तीन परस्पर भिन्न उद्देश्य या लक्ष्य हो सकते हैं। यह भी हो सकता है कि किसी संघ के अपने हित विशेष के संवर्धन से जुड़े प्रयोजन हों, जैसे कि कर्मचारी, मजदूरी, कार्य के घंटे, उद्योग में तरक्की आदि।

इन्हें सिर्फ श्रमिक संघ गत उद्देश्य कहा जाता है। इसके अतिरिक्त, एक श्रमिक संघ के सामाजिक उद्देश्य हो सकते हैं, जो कुछ लाभ प्रदान करते हैं, जैसे — वृद्ध