24. युद्ध में भागीदारी परिशिष्ट - Page 280

युद्ध में भागीदारी

यह संशोधन अगर स्वीकार किया गया, तो प्रस्ताव को नियम विरुद्ध बना देगा।

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डॉ. भीमराव अम्बेडकर ** ः नहीं। मंत्रिमंडल के इस्तीफे का प्रश्न पार्टी का मामला है। यह सदन का मामला नहीं है। यह पार्टी को निर्णय लेना है कि उन्हें पद पर बने रहना चाहिए या नहीं। तब यह पूर्णतः एक अलग मामला होगा, यदि मंत्रिमंडल कहता है कि इस देश के लोगों को युद्ध में भाग लेना चाहिए। इस मुद्दे पर सदन अपने विचार प्रकट कर सकता है। मेरा निवेदन यह है कि मेरे माननीय मित्र द्वारा दिया गया सुझाव सदन के सम्मुख नहीं है — मैं नहीं जानता कि ‘मंत्रिमंडल में अपना पूर्ण विश्वास व्यक्त करते समय ‘इन शब्दों को हटाने के लिए इस प्रकार का संशोधन रहा है या नहीं। जैसा संशोधन इस समय है, मैं उस पर बोल रहा हूं और मेरा निवेदन है कि उन शब्दों से जिनमें संशोधन रखा गया है, यह नियम 75 के उप-खंड (क) के विरुद्ध है। मैं अपना निवेदन तब करूंगा, जब दूसरा संशोधन सदन के समक्ष आ जाए।

माननीय अध्यक्ष : व्यवस्था का प्रश्न यह था कि इस संशोधन के द्वारा इस प्रस्ताव में, जैसा कि वह मूल रूप में है, एक से ज्यादा मुद्दे उठाने पर विचार किया जाएगा। इसलिए माननीय सदस्य की आपत्ति केवल ‘मंत्रिमंडल में अपना पूर्ण विश्वास व्यक्त करते समय’ शब्दों तक सीमित नहीं है।

डॉ. भीमराव अम्बेडकर : मैंने यही कहा है। यही सारी बात है।

II *

डॉ. भीमराव अम्बेडकर (बंबई नगर) : अध्यक्ष महोदय! मैं प्रारंभ में यह जरूर कहना चाहूंगा कि मुझे आपके द्वारा किए गए इस निर्णय पर कुछ आपत्ति है कि आप ऐसे किसी विशेष सदस्य को जो एक नेता के पद पर है, 45 मिनट से ज्यादा समय नहीं देंगे। अभी-अभी आपने यही दोहराया है और मेरे सामने जो टिप्पण है, उसे देखते हुए शुरू में ही मैं आपसे समय बढ़ाने का अनुरोध करना चाहूंगा। मैं आपको बता दूं कि मेरा अनुरोध किसी असाधारण ढंग का नहीं है। पहले भी ऐसा उदाहरण है। हम सभी महाभारत में राजा ययाति की कहानी को जानते हैं। अपने बुढ़ापे में उन्होंने एक जवान लड़की देवयानी से विवाह किया था। विवाह के बाद उन्होंने यह पाया कि दंपति की उम्र के बीच इतना अधिक अंतर था कि जब तक उनकी जवानी के वर्षों में कुछ अवधि नहीं जोड़ी जाती, तब तक उनके विवाह का कोई मतलब नहीं होगा। अपने स्वार्थ के लिए उन्होंने यह खोजना शुरू किया कि क्या कोई ऐसा दानी व्यक्ति है, जो अपने जीवन के कुछ वर्ष उन्हें देकर उनके

* बोंबे लेजिस्लेटिव असेम्बली डिबेट्स, खंड 7, पृ. 2018-35, 26 अक्तूबर 1939