280 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय
उस संविधान की अनुमति नहीं दूंगा, जिसमें मैं स्वतंत्र और बराबर का हिस्सेदार नहीं हूं। कभी भी मैं इसकी अनुमति नहीं दूंगा। मैं जानता हूं कि ये शब्द कठोर हैं। लेकिन मैं माननीय प्रधानमंत्री को यह याद दिलाना चाहता हूं कि ये शब्द उन शब्दों से कठोर नहीं हैं, जो आयरलैंड के संबंध में अल्सटर लोगों ने कहे थे। मैं जानता हूं कि जब इस देश में अल्पसंख्यक समुदाय का कोई व्यक्ति अपने समुदाय के अधिकारों के लिए लड़ने को खड़ा होता है, सारा जनसमुदाय उसके विरुद्ध हो जाता है, उसे सांप्रदायिक कहता है, उसे भारत-विरोधी कहता है और उसे देश के विनाश के लिए काम कर रहे, अफसरशाहों के हाथों का खिलौना कहता है। मैं इस जनसमुदाय को जो यह रुख अपनाए हुए है, सावधान करना चाहता हूं। मैं कहता हूं कि इस देश में अल्पसंख्यक जो रुख अपनाए हुए हैं, वे ज्यादा बढि़या हैं, ज्यादा सभ्य हैं, बजाए उस रुख के, जो अल्सटर के लोगों ने अपनाया था। अल्सटर लोगों का रुख क्या था? दक्षिण के आयरिश राष्ट्रवादियों और अल्सटर लोगों को साथ लाने के लिए स्वर्गीय सम्राट एडवर्ड सातवें के अनुरोध पर बकिंघम पैलेस में जो सम्मेलन हुआ था, उसकी कार्यवाही की रिपोर्ट मुझे स्मरण आती है। प्रश्न यह था कि क्या अल्सटर लोगों को दक्षिण आयरिश व्यक्तियों के बहुमत के शासन के तहत लाया जाए। दक्षिणी आयरलैंड के राष्ट्रवादियों द्वारा अल्सटर लोगों को दिए गए प्रस्ताव क्या थे? बहुत से लोग इस इतिहास से प्रायः परिचित नहीं होंगे। जो परिचित हैं, वे यह जानते होंगे कि मि. जॉन रेमंड ने, जो आयरिश राष्ट्रवादी पार्टी के नेता थे, कार्सोनिवासियों को संविधान के तहत आने के लिए प्रेरित करने की अपनी तरफ से पूरी कोशिश की। उसने कहा : ‘आप अपनी पसंद से अधिमान की कितनी भी मात्रा ले लें, मैं बुरा नहीं मानूंगा।’ हमें इसी विश्वास में नहीं रहना चाहिए कि केवल भारत में ही अधिमान की चर्चा हो रही है, अधिमान की चर्चा आयरलैंड में बहुत होती थी और रेमंड, अल्सटर लोगों को अधिमान देने के लिए तैयार था। वह संविधान में एक अफसर को ऐसा अधिकार देने के लिए तैयार था कि वह अल्सटर लोगों से होने वाले किसी भी प्रकार के भेद-भाव को रोक सके। एक और प्रावधान, जो आयरिश राष्ट्रवादी पार्टी अल्सटर लोगों को देने को तैयार थी, वह यह था कि यदि 100 वर्ष बाद अल्सटर लोग यह पाएं कि दक्षिणी आयरिश लोग, जो निश्चय ही बहुसंख्यक होंगे और अधिकारों का दुरुपयोग करते हैं और अल्सटर राज्य के प्रोटेस्टैंटों के साथ दुर्व्यवहार करते और उन्हें कष्ट पहुंचाते हैं, तो अल्सटर लोगों को संविधान से बाहर जाने का अधिकार होगा। वे प्रभावशाली प्रावधान थे। इस प्रस्ताव का अल्सटर लोगों ने क्या जवाब दिया? अल्सटर लोगों ने रेमंड को जो जवाब दिया, वह यह था : ‘तुम्हारे रक्षोपायों को धिक्कार है। हम तुम्हारे द्वारा शासित होना नहीं चाहते।’ क्या हम ऐसा कह रहे हैं? अभी मैंने जो उद्धरण सुनाए हैं, उन्हें ध्यान में रखते हुए क्या मैं यह कहने के लिए अधिकारी नहीं हूं : ‘तुम्हारे रक्षोपायों को धिक्कार है। मैं तुम्हारे द्वारा शासित नहीं होना चाहता।’ मैं ऐसा नहीं कह रहा। जो मैं कह रहा हूं वह यह है : ‘मुझे मेरे रक्षोपाय दे दो, जिन्हें मैं समझता हूं कि जरूरी हैं और आप