24. युद्ध में भागीदारी परिशिष्ट - Page 300

युद्ध में भागीदारी

ढंग से नहीं लिखा गया है, उनके इरादे का गलत अर्थ नहीं लगाना चाहिए।

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प्रोग्रेस पार्टी के द्वारा प्रस्तुत संशोधन के संबंध में मैं यह कहने में प्रधानमंत्री के साथ हूं कि उस संशोधन के लिए, जो उन्होंने प्रस्तुत किया, उसका अभिनंदन होना चाहिए और मैं उनके प्रस्ताव के मुख्य आधार से सहमत हूं। तथापि एक संशोधन है जिसका मैं फिर भी कोई समर्थन नहीं कर सकता और यह वह है, जो असल में यह कहता है कि मंत्रिमंडल के इस्तीफे का या उस तरह के किसी अन्य चीज के इरादे का सदन अनुमोदन करे। महोदय! अब मुझे, जो कहना चाहिए वह यह है। मेरे माननीय मित्र प्रधानमंत्री इससे सहमत होंगे — वे उतने ही अच्छे राजनीतिज्ञ हैं, जितना कि कोई राजनीतिज्ञ हो सकता है — कि यह मामला वास्तव में उनकी पार्टी की चौकड़ी के लिए है। यह सदन के निर्णय का मामला नहीं है। मंत्रिमंडल को भंग होना चाहिए या नहीं, यह मामला पूरी तरह उनकी पार्टी के लिए है। वे इसके भंग होने के लिए मेरा समर्थन क्यों नहीं चाहते हैं?

माननीय श्री बी.जी. खेर : मैं यह नहीं चाहता।

डॉ. भीमराव अम्बेडकर : उनको इसकी जरूरत क्या है? मैं उनके समक्ष दूसरी पहेली रखता हूं। मान लीजिए मैं यह कहने के लिए एक संशोधन लाता हूं कि जब तक मैं मंत्रिमंडल को आमंत्रित नहीं करता, तब तक मंत्रिमंडल को वापस नहीं आना चाहिए, क्या वे इसे स्वीकार कर लेंगे? मुझे विश्वास है कि वह अपने आपको इस बात से नहीं जोड़ेंगे। अगर आप हटने के लिए मेरा अनुमोदन चाहते हैं, तो यह मेरे प्रति कुछ सम्मान होगा यदि आप पुनः प्रवेश मेरे अनुमोदन पर ही करेंगे। लेकिन आप ऐसा नहीं करेंगे और मेरा अंतर्मन कहता है कि संशोधन का विरोध करूं।

मैं आपको अपने ऊपर किए गए अनुग्रह के लिए धन्यवाद देता हूं। (तालियां)।

माननीय अध्यक्ष : मैं कम समय लेने की अपील करता हूं। माननीय सदस्य डॉ. अम्बेडकर ने डेढ़ घंटा समय लिया है। मैं आशा करता हूं कि दूसरे माननीय सदस्य कम समय लेंगे।

डॉ. भीमराव अम्बेडकर : महोदय! मैं माफी चाहता हूं।

III*

माननीय श्री बी.जी. खेर : जितनी जल्दी आप चाहेंगे, मैं समाप्त करने का प्रयास करूंगा। महोदय! जितने विषयों की चर्चा माननीय डॉक्टर ने की है, मैं उन सब में नहीं जाऊंगा। मैं उनसे सहमत हूं। हरिजनों पर किए गए अन्याय के बारे में उन्होंने जो कुछ कहा है, मैं उसकी सच्चाई को स्वीकार करता हूं। क्योंकि इस देश में इस समुदाय के लोगों के साथ जो अन्याय होता है, इन सभी उदाहरणों को न मानने का मेरा अभिप्राय नहीं है। वास्तव में, वे सब गलत बातें हैं, जिन्हें सुधारने के लिए हम लोग दीर्घकाल से यथासामर्थ्य प्रयत्न कर रहे हैं।

माननीय सदस्य ने यह नहीं बताया कि सुधार का उपाय क्या है? अपने इस