जन्म-नियंत्रण के उपाय पर
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स्वतंत्रता को सुनिश्चित करता है। नेशनल सोशलिस्ट मूवमेंट को हमारी जनसंख्या
और भूमि के बीच असंगति को दूर करने की जरूर कोशिश करनी चाहिए। भूमि
और क्षेत्र हमारी विदेश नीति का मुख्य उद्देश्य होना चाहिए। (पृष्ठ 728-35)
हाल ही में 12 सितंबर 1938 को दिए गए अपने ऐतिहासिक भाषण में हिटलर ने कहा है :
वे जर्मनी, जहां 140 लोग एक वर्ग किलोमीटर में ठुंसे हुए हैं, से अपेक्षा करते
हैं कि वह अपने यहूदियों को रखें, जबकि शक्तिशाली देश जो प्रति किलोमीटर
में कुछ ही लोग रहते हैं, उनको नहीं चाहते.....
उसी तरह मुसोलिनी ने कहा है : हमें भूमि की जरूरत है, क्योंकि हम लोग बहुप्रजनन हैं और वैसा ही रहने का विचार भी रखते हैं। (फारेन अफेयर्स, अक्तूबर 1926)
इटली की यह मांग है कि सूर्य और भूमि के लिए उसकी निर्विवाद आवश्यकता
सभी दूसरे देशों के द्वारा स्वीकृत हो। यदि वे ऐसा करने में असफल हो गए
हैं, तो इटली यह मामला अपने हाथ में लेने के लिए बाध्य होगा। (संडे टाइम्स,
14 नवंबर, 1926)
उपाध्यक्ष : माननीय सदस्य ने समय-सीमा का अतिक्रमण कर दिया है।
श्री बी. के. गायकवाड़ः महोदय! क्या मैं समय-सीमा जान सकता हूं?
उपाध्यक्ष : आधा घंटा।
श्री बी.के. गायकवाड़ : महोदय! यह सूचना के लिए है। मेरी मान्यता है कि माननीय सदस्य जिन्होंने पिछला प्रस्ताव (श्री श्रीकांत) प्रस्तुत किया था, वह एक घंटे से भी अधिक बोले थे।
उपाध्यक्ष : समय बढ़ाना अध्यक्ष के विवेक पर निर्भर है।
श्री बी.के. गायकवाड़ः क्या इस प्रकार का अनुग्रह दूसरे प्रस्ताव पर नहीं किया जा सकता है?
श्री पी.जे. रोहम : महोदय! मैं सदन का अधिक समय लेना नहीं चाहता हूं। किंतु मुझे सदन को कुछ और बातें भी बतानी हैं, अतः निवेदन है कि मुझे थोड़ा समय और देने की कृपा करें।
इसलिए, यह स्पष्ट है कि स्थायी विश्व-बंधुत्व के लिए प्रयत्नशील सभी लोग जनसंख्या बढ़ाने के किसी भी प्रयास को समर्थन न दें, तथा यथासंभव जन्म-नियंत्रण द्वारा जनसंख्या सीमित करने का प्रयास करें।
यह डर कि जन्म-नियंत्रण का प्रचार जनता को प्रभावित करने में असफल होगा और इस तरह के आंदोलन का परिणाम कुल वृद्धि के बदले कुलनाशी होगा, निराधार है। पाश्चात्य देशों के अनुभव ये बताते हैं कि निम्न वर्ग के लोग, ज्यों ही