जन्म-नियंत्रण के उपाय पर 301
करने में समर्थ होगी, उतनी अधिकतम मात्रा में जनसंख्या तेजी से बढ़ेगी। जनसंख्या शैक्षिक सुविधाओं की अपेक्षा तीव्र गति से बढ़ेगी और कर देने योग्य क्षमता मुश्किल से ही बढ़ती है, इससे स्पष्ट होता है कि मात्र खाद्यान्न-आपूर्ति की दृष्टि से ही जनसंख्या के दबाव को नहीं परखा जा सकता है। बढ़ती जनसंख्या पुनर्समायोजन को अधिकाधिक कठिन बनाती है। हमें यह स्वीकार करना चाहिए कि तर्कसंगत परिवार नियोजन एवं जनसमूह को जन्म-नियंत्रण के संबंध में शिक्षित किया जाना, जनसंख्या वृद्धि को रोकने के सबसे प्रभावी उपाय हैं।
बंबई भारत का प्रवेशद्वार है और यह आंदोलन इसी द्वार से भारत में आया। इसलिए यह उपयुक्त होगा कि इस आंदोलन को इसी प्रांत में आगे बढ़ाया जाए। कुछ ही लोगों को इस प्रकार के कार्य करने का सुअवसर प्राप्त होता है, जिससे उनका नाम असर होगा। जन्म-नियंत्रण आंदोलन ने हमारी प्रांतीय सरकार को ऐसा अवसर प्रदान किया है और यह आशा की जाती है कि वह इस अवसर को यों ही नहीं जाने देगी बल्कि अपने और जनहित के लिए इसका पूरा उपयोग भी करेगी।