II. डॉ. भीमराव अम्बेडकर द्वारा पूछे गए प्रश्न - Page 336

डॉ. भीमराव अम्बेडकर द्वारा पूछे गए प्रश्न 319

(ग) निगम में इसकी शिकायतें की जा चुकी हैं।

(बोंबे लेजिस्लेटिव काउंसिल डिबेट्स, खंड 25, पृ. 1092, 7 मार्च 1929)

माध्यमिक विद्यालय : सहायता - अनुदान

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डॉ. भीमराव अम्बेडकर की ओर से डॉ. पी.जी. सोलंकी : क्या सरकार यह बताने की कृपा करेगी कि —

(क) माध्यमिक विद्यालयों के लिए वार्षिक अनुदान निर्धारित करने के आधार को

संशोधित करने के प्रश्न पर गत वर्ष किन कारणों से विचार नहीं किया गया?

(ख) क्या इस प्रांत में ऐसे विद्यालय हैं, जिन्हें सरकार से विशेष अनुग्रह के तहत

नियमित सहायता-अनुदान प्राप्त हुआ हो?

(ग) क्या माध्यमिक विद्यालयों के लिए अनुदान निर्धारित करने के संदर्भ में,

निदेशक, सार्वजनिक अनुदेश शैक्षिक निरीक्षकों की निरीक्षण-रिपोर्टों के द्वारा

निरंतर मार्गदर्शन प्राप्त करते हैं? यदि नहीं, तो माध्यमिक विद्यालयों को वार्षिक

अनुदान वितरण करने का साधारणतया उनका मानदंड क्या होता है?

(घ) विभागीय कुशलता का स्तर बनाए रखने के क्रम में क्या शैक्षिक विभाग ने कुछ

आधारों का पालन किया है, जिनके अनुसार सहायता-प्राप्त विद्यालयों से प्रति-व्यक्ति

वार्षिक खर्च करने की अपेक्षा की जाती है और दूसरी ओर सरकार से भी तदनुरूप

खर्च में हिस्सा लेने की आशा की जाती है। यदि हां, तो उन आधारों के अनुसार

सरकार और संस्था के बीच खर्च का न्यूनतम अनुपात क्या है?

(ङ) शिक्षा विभाग के द्वारा कम से कम कितने वर्षों के बाद किसी माध्यमिक

विद्यालय को पंजीकृत किया जाता है?

(च) क्या वह पांच वर्ष से भी अधिक समय के माध्यमिक विद्यालयों की संख्या

बताएगी, जिनका सहायता-अनुदान के लिए अभी तक स्थायी रूप से पंजीकरण

नहीं किया गया है?

माननीय मौलवी रफीउद्दीन अहमद : (क) सरकार प्रायः संतुष्ट थी कि जिस आधार पर माध्यमिक विद्यालयों के लिए अनुदान निर्धारित किए जाते हैं, वे सही हैं।

(ख) हां।

(ग) अनुदान संहिता में बनाए गए सिद्धांतों के अनुसार अनुदान निर्धारित किए जाते हैं। यदि कोई विशेष विद्यालय सहायता-अनुदान संहिता की अपेक्षाओं पर खरा उतरता है तो निदेशक, सार्वजनिक अनुदेश निरीक्षण स्टाफ की रिपोर्टों से मार्गदर्शन पाते हैं। इसलिए पिछले भाग में किए गए प्रश्न का कोई औचित्य ही नहीं है।