III. विश्वविद्यालय सुधार समिति - Page 339

322 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

. माध्यमिक और मध्यवर्ती (इंटरमीडियेट) शिक्षा

(प्रश्न 4-7)

  1. क्या आप समझते हैं कि हाई स्कूलों से आने वाले विद्यार्थियों की विश्वविद्यालयीन शिक्षा के हेतु पर्याप्त तैयारी होती है? यदि आप इसे अपर्याप्त समझते हैं, तो वर्तमान स्थिति में सुधार के लिए क्या आपके पास कोई सुझाव हैं?

  2. क्या आप इस प्रांत में (क) हाई स्कूल और विश्वविद्यालय के बीच में नई माध्यमिक संस्थाओं के गठन, (ख) माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक शिक्षा के एक नए बोर्ड के गठन का, जैसा कि कलकत्ता विश्वविद्यालय आयोग द्वारा प्रस्तावित किया गया था, अनिवार्य या वांछनीय समझते हैं? यदि ऐसा है, तो ऐसी संस्थाएं और बोर्ड किस प्रकार गठित किए जाएं और उनका आर्थिक प्रबंध कैसे हो?

  3. यदि आप उच्च माध्यमिक शिक्षा संस्थाओं की बोर्ड सहित या बोर्ड रहित परिकल्पना अनावश्यक या अवांछनीय मानते हैं, तो उसके बिना वर्तमान हाई स्कूल शिक्षा का स्तर, विस्तार और प्रभाव इस प्रांत में किस प्रकार बढ़ाया जा सकता है?

  4. किस प्रकार विश्वविद्यालय इन संस्थाओं की गुणवत्ता को बनाए रख सकता है, जहां से उसमें प्रवेश पाने के लिए विद्यार्थी भेजे जाते हैं?

. बंबई विश्वविद्यालय के कार्य

(प्रश्न 8-24)

(क) शिक्षण (प्रश्न 8-13)

  1. आपके विचार में, बंबई विश्वविद्यालय के कार्य को किस दिशा में विस्तार दिया जाना आवश्यक, व्यावहारिक और उपयुक्त होगा ताकि वह प्रभावी रूप में एक शिक्षण विश्वविद्यालय बनकर उभरे?

  2. क्या आप विचार करते हैं कि विश्वविद्यालय स्नातकोत्तर शिक्षण के साथ पूर्व-स्नातक शिक्षण के लिए भी भाग लें? यदि हां, तो विश्वविद्यालय और वर्तमान शिक्षण संस्थाओं के शिक्षण कार्यों का मिलान और समन्वय कैसे करेंगे?

  3. यदि आप विश्वविद्यालय के पूर्व स्नातक शिक्षण में सीधे भाग लेने को ठीक नहीं मानते तो इस स्तर के अध्ययन हेतु उपयुक्त समन्वय रखते हुए वर्तमान सुविधाओं के समुचित लाभ का उपयोग कैसे करेंगे?

. बंबई प्रांत में अतिरिक्त विश्वविद्यालय

(प्रश्न 25-30)

  1. क्या बंबई प्रेसिडेंसी में किन्हीं अतिरिक्त विश्वविद्यालयों की स्थापना वांछनीय है? इस प्रेसिडेंसी में आप उच्चतर शिक्षा के लिए कौन से केन्द्र मानते हैं कि :

(क) विस्तारित करके, विश्वविद्यालयों में रूपांतरण के लिए उपयुक्त हैं?

(ख) निकट भविष्य में विस्तार के लिए उपयुक्त होगी और किन आधारों पर?

  1. अतिरिक्त विश्वविद्यालय वर्तमान बंबई विश्वविद्यालय पर क्या प्रभाव डालेंगे?