बंबई विश्वविद्यालय अधिनियम-संशोधन विधेयक
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उसे बनने से रोक सकता है। वर्तमान प्रणाली के अंतर्गत विश्वविद्यालय के पास ऐसा कोई अधिकार नहीं है, जिससे कि वह किसी कॉलेज को असंबद्ध करने की कठोर सजा का सहारा लिए बिना कॉलेजों में अनुशासन लागू कर सके और अपने निर्देशों का पालन कराने के लिए बाध्य कर सके। महोदय! मेरा संशोधन विश्वविद्यालय को किसी भी कॉलेज को असंबद्ध करने की सख्त कार्रवाई का सहारा लिए बिना कॉलेज की कार्य-प्रणाली में सुधार करने और विश्वविद्यालय द्वारा कॉलेजों को दिए गए निर्देशों का पालन करने के लिए मजबूर करने का अधिकार देता है। इसलिए मैं मानता हूं कि यदि विश्वविद्यालय को सरकार की तरफ से एक इकाई के तौर पर मान्यता दी जाती है और मेरा कहना है कि ऐसी मान्यता मिलनी भी चाहिए और यदि सरकार की तरफ से विभिन्न कॉलेजों को दी जाने वाली अनुदान-राशि विश्वविद्यालय के द्वारा, या अगर संभव हो तो विश्वविद्यालय की सिफारिशों पर वितरित की जाती है, मेरा कहना है कि विश्वविद्यालय को कॉलेजों पर अपना अनुशासन लागू करवाने के लिए जिस अधिकार की आवश्यकता है, वह उसे प्राप्त हो जाएगा। मेरे विचार से विश्वविद्यालय को देने के लिए ऐसा और कोई अधिकार नहीं है, जिससे इस उद्देश्य की प्राप्ति हो सके, और मेरा मानना है कि विश्वविद्यालय द्वारा उद्दंड कॉलेज को अपने अनुशासन के नियम लागू करने योग्य बनाने का सबसे आवश्यक उद्देश्य है। महोदय! यह अभिप्राय कि विश्वविद्यालय को इन कॉलेजों पर वित्तीय नियंत्रण दिया जाए, लंदन विश्वविद्यालय में शिक्षा संबंधी रॉयल कमीशन की तरफ से भी निर्धारित किया गया है। उनकी रिपोर्ट के पैरा 41 में उन्होंने कहा है :
आर्थिक नियंत्रण वास्तव में नियंत्रण का सबसे महत्त्वपूर्ण तरीका है, जो विश्वविद्यालय
के पास होना चाहिए, अगर उसे शिक्षा को सुव्यवस्थित करना है, जिसके
साथ उसका संबंध है। वेल्स और स्कॉटलैंड को छोड़कर अन्य सभी आधुनिक
विश्वविद्यालय राज्य और नगरपालिका अनुदान के निर्धारण के संबंध में स्वतंत्र हैं,
क्योंकि विश्वविद्यालय एक इकाई है, ना कि कई इकाइयों का एक समूह।
इस रिपोर्ट में सदस्यों ने यह भी सिफारिश की है कि लंदन विश्वविद्यालय के संबंध में वही सिद्धांत अपनाया जाना चाहिए, और मेरा संशोधन लंदन विश्वविद्यालय में शिक्षा से संबंधित रॉयल कमीशन की महत्त्वपूर्ण सिफारिश पर आधारित है। मैं इस संबंध में यह भी ध्यान दिलाना चाहूंगा कि शुरू में बंबई विश्वविद्यालय का गठन बुनियादी तौर पर लंदन विश्वविद्यालय के आधार पर ही किया गया था। मेरे विचार में हम इस विधेयक में बंबई विश्वविद्यालय के अंतर्गत कॉलेजों को उसी तरह एकीकृत या सम्मिलित करना चाहते हैं, जैसे लंदन के अंतर्गत कॉलेजों को रॉयल कमीशन के सुधारों के बाद किया गया था। दोनों की स्थिति एक जैसी है। मेरा मानना है कि लंदन विश्वविद्यालय का लंदन विश्वविद्यालय के कॉलेजों के साथ संबंध नियमित करने के लिए जो नियम निर्धारित किए गए हैं, उन्हें वैसे ही लाभदायी परिणामों के लिए बंबई