70 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय
तो भी इस तथ्य के आधार पर कि उसकी नियुक्ति प्रांतीय सरकार द्वारा की जाती है, वह प्रांतीय सरकार का कर्मचारी ही रहेगा। इसलिए यह फैसला करना कठिन है कि संशोधन का समर्थन किया जाए या इसका विरोध। यदि संशोधन के माननीय प्रस्तावक चाहते हैं कि उसकी नियुक्ति प्रांतीय सरकार ही किया करे, तब यह तथ्य कि प्रांतीय सरकार का एक कर्मचारी है, केवल कानूनी निष्कर्ष है और केवल इन शब्दों के हटा दिए जाने से उसे प्रांतीय सरकार के एक कर्मचारी बने रहने में कोई बाधा नहीं आएगी। मैं इस पर कुछ प्रकाश डाले जाने के पक्ष में हूं।
माननीय अध्यक्ष : मैं ठीक से नहीं कह सकता कि जिस समय संशोधन प्रस्तुत किया गया था, माननीय सदस्य उपस्थित थे।
डॉ. भीमराव अम्बेडकर : मैं उपस्थित था।
माननीय अध्यक्ष : मैं कानूनी निष्कर्षों के संबंध में सहमत होने में असमर्थ हूं।
डॉ. भीमराव अम्बेडकर : माननीय गृह मंत्री इस मुद्दे को स्पष्ट कर सकते हैं।
माननीय अध्यक्ष : मैं समझता हूं कि विवाद का विषय यह था कि जिस तरीके से स्कूल बोर्ड द्वारा अधिकारियों का चयन या इनकी नियुक्तियां की जाती हैं, वह एक आदर्श या उचित तरीका नहीं है, तो यह बात सरकार पर छोड़ दी जाए कि वह बंबई के नगरपालिका आयुक्त की तरह इनकी नियुक्तियां करे, लेकिन जब तक सेवा में रहेंगे, वे स्कूल बोर्डों के कर्मचारी होंगे और स्कूल बोर्डों का ही यह अधिकार क्षेत्र होगा कि वे चाहें तो उन्हें निलंबित या बर्खास्त कर सकते हैं या स्कूल बोर्डों के अन्य कर्मचारियों की भांति उनके साथ व्यवहार कर सकते हैं। यही अभिप्राय है और मैं समझता हूं यह भी सुझाव दिया गया था कि सरकार स्कूल बोर्डों के चयन और नियुक्ति करने के लिए एक पैनल देगी। इसमें किसी विवाद या असंगति की संभावना नहीं है।
डॉ. भीमराव अम्बेडकर : यदि प्रयोजन यह है कि वह स्कूल बोर्ड का कर्मचारी हो, तो वह ‘और एक कर्मचारी होगा’ शब्दो ंको हटाए जाने से प्राप्त नहीं होगा। क्योंकि इस तथ्य के आधार पर कि प्रांतीय सरकार उसे नियुक्त करती है, वह कानूनन प्रांतीय सरकार का कर्मचारी होगा। किसी का कर्मचारी होना एक बात है और किसी के अधीन होना दूसरी। एक व्यक्ति किसी का सेवक हो सकता है, लेकिन वह किसी अन्य के अधीन भी हो सकता है। मेरा निवेदन है कि इन दोनों स्थितियों में भारी अंतर है।
माननीय अध्यक्ष : यह आवश्यक नहीं है कि इसका अभिप्राय हो कि क्योंकि उसकी नियुक्ति एक पक्ष द्वारा की गई है, तो वह अन्य पक्ष का कर्मचारी नहीं हो सकता। एक व्यक्ति किसी एक पक्ष द्वारा नियुक्त किए जाने पर भी अन्य पक्ष का कर्मचारी हो सकता है। मैं उम्मीद करता हूं कि माननीय सदस्य अपने उत्तर में यह स्पष्ट कर देंगे।
श्री जमनादास मेहता : जहां तक मेरा संबंध है, मैं नहीं मानता कि यह विवाद का विषय है।
डॉ. भीमराव अम्बेडकर : यदि यह विवाद का विषय नहीं है, तो यह जानकारी