72 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय
के साथ है?
माननीय श्री बी.जी. खेर : नहीं।
बहस पुनः आरंभ **
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बहस पुनः आरंभ
डॉ. भीमराव अम्बेडकर (बंबई नगर) : महोदय! मैं माननीय सदस्य श्री मोरे के संशोधन में संशोधन प्रस्तुत करना चाहता हूं।
माननीय अध्यक्ष : क्या वह उससे अलग है?
डॉ. भीमराव अम्बेडकर : हां, अलग है। मेरा संशोधन इस प्रकार है। ‘प्रशासनिक अधिकारी के पद से हटाने’ के स्थान पर निम्नांकित शब्द होंगेः
स्कूल बोर्ड के अनुशासन के अधीन और स्कूल बोर्ड के अनुशासन को भंग करने
पर स्कूल बोर्ड द्वारा पारित प्रस्ताव के अनुसार इस शर्त के साथ ऐसी सजा के
पात्र होंगे कि प्रशासनिक अधिकारी को अपील का अधिकार रहेगा, जैसा कि
नियमों में व्यवस्था की जाएगी।
इस प्रकार मेरे संशोधन के साथ पूरा संशोधन इस प्रकार होगा :
प्रशासनिक अधिकारी स्कूल बोर्डों के अनुशासन के अधीन होंगे और स्कूल बोर्ड
का अनुशासन भंग करने पर स्कूल बोर्ड द्वारा पारित प्रस्ताव के अनुसार इस शर्त
के साथ ऐसी सजा के पात्र होंगे कि प्रशासनिक अधिकारी को अपील करने का
अधिकार रहेगा, जैसा कि नियमों में व्यवस्था की जाएगी।
माननीय अध्यक्ष : ‘पारित’ शब्द के साथ ‘स्कूल बोर्ड द्वारा’ शब्द जोड़े जाएं और ‘व्यवस्था’ के स्थान पर ‘निर्धारित’ शब्द रखा जाए।
संशोधन इस प्रकार पढ़ा जाए — ‘उसके पद से हटाया जाना’ से लेकर ‘प्रशासनिक अधिकारी को तुरंत हटाया जाए’ तक के शब्दों को निकाल दिया जाए और उनके स्थान पर निम्नांकित को रखा जाएः
स्कूल बोर्ड के अनुशासन के अधीन और स्कूल बोर्ड का अनुशासन भंग करने
पर स्कूल बोर्ड द्वारा पारित प्रस्ताव के अनुसार इस शर्त के साथ ऐसी सजा के
पात्र होंगे कि प्रशासनिक अधिकारी को अपील करने का अधिकार रहेगा, जैसा
कि नियमों में निर्धारित किया जाएगा।
डॉ. भीमराव अम्बेडकर (बंबई नगर) : महोदय! मैं जो संशोधन प्रस्तावित कर रहा हूं, वह इस संशोधन से नितांत भिन्न है, जो माननीय मित्र श्री मोरे ने प्रस्तावित किया है। श्री मोरे के संशोधन में प्रावधान है कि कुछ परिस्थितियों में स्कूल बोर्ड को सरकार द्वारा नियुक्त प्रशासनिक अधिकारी को हटाने का अधिकार होगा। मेरा संशोधन श्री मोरे के संशोधन से बुनियादी तौर पर भिन्न है। मेरा संशोधन स्कूल बोर्ड को प्रशासनिक अधिकारी को हटाने का अधिकार नहीं देता। उसका उद्देश्य केवल यह है कि उस अवधि के दौरान जब प्रशासनिक अधिकारी किसी खास स्कूल बोर्ड की सेवा में हो तो स्कूल बोर्ड का उस पर अनुशासनात्मक नियंत्रण होगा। महोदय! यह समझा जाना चाहिए कि विधेयक का खंड 12 सिद्धांत रूप से असंगत है।