भाग V - Page 101

86 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

भाग VI - क (क्रमागत)

1 श्री सभापतिः मैं समझता हूँ कि बेहतर होगा कि राज्यों के संबंध में जिन अन्य अनुच्छेदों में संशोधन करने की बात कही गई है, उन सभी को पहले ले लें, फिर सामान्य चर्चा करें। मैं नहीं समझता कि डॉ. अम्बेडकर के लिखे पूरे पाठ को पढ़ना जरूरी है।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकर (बंबई जनरल)ः महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूँः

‘‘कि अनुच्छेद 224 का लोप किया जाए।’’

‘‘कि अनुच्छेद 225 का लोप किया जाए।’’

‘‘कि अनुच्छेद 235 के बाद, निम्नलिखित नया अनुच्छेद अंतःस्थापित किया जाए, अर्थात्ः-

274 घ घ. इस संविधान के पूर्वलिखित उपबंधों में किसी बात के रहते हुए

भी, राष्ट्रपति किसी राज्य में दूसरे राज्यों में से आयातित या उस राज्य से

दूसरे राज्यों में भेजी जाने वाली वस्तुओं पर उस राज्य द्वारा किसी कर या

शुल्क के संबंध में पहली अनुसूची के भाग III में वर्तमान में उल्लिखित

राज्य के साथ कोई समझौता कर सकता है और इस अनुच्छेद के अधीन

किया गया कोई भी समझौता इस संविधान के आरंभ होने के 10 वर्षों के

अधिक समय के लिए जारी नहीं रहेगा, जैसा कि समझौता में विनिर्दिष्ट हो।

परंतु राष्ट्रपति इस संविधान के अनुच्छेद 260 के अधीन वित्त आयोग के

प्रतिवेदन पर विचार करने के बाद यदि जरूरी समझें तो ऐसे आरंभ होने से

पाँच वर्ष बीत जाने पर किसी भी समय ऐसे किसी समझौते को समाप्त या

उसे संशोधित कर सकता है।

274 घ घ घ. इस संविधान के अनुच्छेद 274क और 274ग में उल्लिखित

कोई भी उपबंध किसी भी विद्यमान कानून के उपबंधों को प्रभावित नहीं

करेगा और अन्यथा राष्ट्रपति द्वारा कोई आदेश न दे।’’ अनुच्छेद 274क और

274ग का विद्यमान कानूनों पर प्रभाव।

1 वही, पृष्ठ 72-73