88 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
कर या शुल्क प्राप्त किया करता था, भारत सरकार द्वारा उसे कोई वित्तीय
सहायता स्वीकृत किए जाने के मामले में।
(ग) इस संविधान के अनुच्छेद 267क के खंड (1) के अधीन भारत सरकार
द्वारा किए गए भुगतान के संबंध में ऐसे राज्य द्वारा किया गया अंशदान
और जब ऐसा कोई समझौता होता है, तो इस अध्याय के उपबंधों का उस
राज्य के संबंध में प्रभाव ऐसे समझौते की शर्तों के विषयाधीन होता है।’’
‘‘कि भाग IX के अध्याय I में, अनुच्छेद 267 के बाद, निम्नलिखित नया
अनुच्छेद अतंःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः-
‘267क (1) जहाँ इस संविधान के आरंभ होने के पहले किसी भारतीय
रियासत के शासक द्वारा किए गए करार या समझौते के अधीन, ऐसी
धनराशि का भुगतान भारत डोमिनियन की सरकार द्वारा प्रिवी पर्स के रूप
में ऐसे राज्य के किसी शास्त को कर मुक्त रूप में किए जाने की गारंटी या
आश्वासन दिया जा चुका हो -
(क) ऐसी धनराशि भारत की संचित निधि से प्रभारित होगी और उसका भुगतान
किया जाएगा।
(ख) किसी शासक को भुगतान की जाने वाली राशि आय पर सभी करों से मुक्त
होगी।
(2) जहाँ पूर्व उल्लिखित ऐसे किसी भारतीय रियासत के राज्यक्षेत्र पहली अनुसूची
के भाग I या भाग III में विनिर्दिष्ट राज्य के अधीन आते हों, वहाँ भारत
सरकार द्वारा इस अनुच्छेद के खंड (1) के अधीन किए गए भुगतानों के
संबंध में उस राज्य की संचित निधि से उसे अंशदान को प्रभारित कि जाएगा
और उसका भुगतान किया जाएगा और इस संविधान के अनुच्छेद 258 के
खंड (1) के अधीन उस संबंध में किए गए समझौते के विषयाधीन इसकी
अवधि का निर्धारण राष्ट्रपति के आदेश द्वारा किया जाएगा।’’
‘‘कि अनुच्छेद 270 के बाद, निम्नलिखित नया अनुच्छेद जोड़ा जाए -
270क. (1) इस संविधान के प्रारंभ से ही -
(क) संघ सूची में प्रमाणित किसी विषय से संबंधित सभी संपत्ति ऐसे प्रारंभ
से ठीक पहली अनुसूची के भाग III में विनिर्दिष्ट राज्य के तत्थानी किसी
देशी राज्य में निहित थी, भारत सरकार में निहित होंगी।