90 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
अनुच्छेद 3
(फिर से लिया गया)
1 श्री सभापतिः अब हम परिणामी संशोधन संख्या 226 आदि को लेंगे।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं श्री टी.टी. कृष्णमाचारी को अपनी ओर से संशोधन प्रस्तुत करने का अनुरोध करता हूँ।
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अनुच्छेद 296
(फिर से लिया गया)
2 श्री सभापतिः अब हम अनुच्छेद 296 लेंगे। संशोधन संख्या 1051 हमारे पास बड़ी संख्या में संशोधन मौजूद हैं। कुछ संशोधन ऐसे संशोधन हैं जो प्रारुप समिति की ओर से प्रस्तुत किए जाने हैं। उनमें से कई अति व्याप्त होंगे। इसलिए, मैं समझता हूँ कि सदस्यगण स्वयं ही कतिपय विवेक का प्रयोग करते हुए उन संशोधनों द्वारा कवर होते हैं।
श्री एच.बी. कामथ संयुक्त प्रांत और बेरारः जनरलः महोदय, हम आपके निर्णय का पालन करेंगे।
श्री सभापतिः मैं तो कोई निर्णय नहीं देना चाहता हूँ, यदि ऐसा हो सकता।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकर (बंबई - जनरल)ः महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूँः
कि सूची के संशोधन संख्या 3163 के संदर्भ में, अनुच्छेद प्रतिस्थापित किया जाएः-
296 संघ या किसी राज्य के कार्यकलाप से संबंधित सेवाओं और पदों के लिए नियुक्तियाँ करने में, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों के दावों का, प्रशासन की दक्षता बनाए रखने की संगति के अनुसार ध्यान रखा जाएगा। सेवाओं और पदों के लिए अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के दावे। 12 सी.ए.डी. खंड 10, 14 अक्तूबर, 1949, पृष्ठ 210वही, 14 अक्तूबर, 1949, पृष्ठ 229