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1 श्री सभापतिः अगला संशोधन संख्या 23 है जो डॉ. अम्बेडकर के नाम पर है, जिसमें प्रतिस्थापन किया जाना है।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं इसे प्रस्तुत नहीं करना चाहता हूँ।
श्री सभापतिः फिर संशोधन संख्या 24 ?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः इसे प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है।
[ डॉ. अम्बेडकर का उपर्युक्त संशोधन स्वीकृत हुआ। अनुच्छेद 296, यथासंशोधित संविधान में जोड़ा गया। ]
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अनुच्छेद 299
2 सरदार हुकम सिंहः मेरे प्रश्न का उत्तर नहीं दिया गया है। क्या इन चार सिक्ख जातियों को अनुसूचित जातियों में शामिल किया गया है।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः निःसंदेह उन्हें शामिल किया जाएगा।
श्री के.एम. मुंशीः राष्ट्रपति को अनुच्छेद 300-क के अधीन अनुसूचित जातियों की सूची जारी करने की शक्ति प्राप्त है। उसमें इन्हें अनुसूचित जातियों में जगह मिल जाएगी।
सरदार हुकम सिंहः इस बात की क्या गारंटी है कि राष्ट्रपति इन लोगों को सूची में शामिल करेंगे ही? संविधान में इस बात को सुनिश्चित करने के लिए हमने सभी सुरक्षा उपायों को छोड़ दिया है। ऐसा नहीं किया गया है।
श्री के.एम. मुंशीः राष्ट्रपति को वह शक्ति प्राप्त है। जो वचन दिया गया है, राष्ट्रपति उसे निश्चय ही पूरा करेंगे। सलाहकार समिति के प्रतिवेदन में इस निर्णय का उल्लेख है कि सिक्ख, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजातियों के भाग होंगे और उसके साथ ही हमने अनुच्छेद 296 के अधीन जो सुरक्षोपाय पारित कर चुके हैं, भी रहेंगे। उस वचन से पीछे हटने का कोई प्रश्न ही नहीं है_ आपको यह आवश्वासन तो मैं दे सकता हूँ। मैं इस बात को दुहराता हूँ कि सिक्ख अनुसूचित जातियों को पंजाब की अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की सूची में शामिल किया जाएगा।
[ अनुच्छेद 299 यथासंशोधित रूप में संविधान में जोड़ा गया। ]
12 वही, पृष्ठ 262सी.ए.डी. खंड 10, 14 अक्तूबर, 1949, पृष्ठ 236-237