108 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
अनुच्छेद 274 घघ
1 माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूँः
‘‘कि अनुच्छेद 274घ के बाद सूची XVII (दूसरे सप्ताह) के संशोधन संख्या 400 के संदर्भ में, निम्नलिखित अनुच्छेद अंतःस्थापित किया जाएः-
274 घ घ. इस भाग के पूर्वलिखित उपबंधों में किसी बात के रहते हुए भी, राष्ट्रपति किसी राज्य में दूसरे राज्यों में से आयातित या उस राज्य से दूसरे राज्यों में भेजी जाने वाली वस्तुओं पर उस राज्य द्वारा किसी कर या शुल्क के संबंध में पहली अनुसूची के भाग III में वर्तमान में उल्लिखित राज्य के साथ कोई समझौता कर सकता है और इस अनुच्छेद के अधीन किया गया कोई भी समझौता इस संविधान के आरंभ होने के 10 वर्षों से अधिक समय के लिए जारी नहीं रहेगा जैसा कि समझौता में विनिर्दिष्ट हो।
परंतु राष्ट्रपति इस संविधान के अनुच्छेद 260 के अधीन वित्त आयोग के
प्रतिवेदन पर विचार करने के बाद यदि जरूरी समझे तो ऐसे आरंभ से पाँच
वर्ष बीत जाने पर किसी भी समय ऐसे किसी समझौते को समाप्त या उसे
संशोधित कर सकता है।
महोदय, यह नया अनुच्छेद संशोधन संख्या 258 पहले ही स्वीकृत कर चुकी है जिसके माध्यम से भारत सरकार को अस्थाई अवधि के दौरान कतिपय वित्तीय समायोजन करने के प्रयोजनार्थ भाग III में उल्लिखित राज्यों के साथ समझौता करने की शक्ति है, का महज परिणामी संशोधन है।
[ अनुच्छेद 274 घ घ स्वीकृत हुआ और संविधान में जोड़ा गया। ]
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2 माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः यदि मेरे माननीय मित्र पंडित कुँजरू को अब कोई आपत्ति नहीं हो तो हम नया अनुच्छेद 280क को ले सकते हैं। उन्हें आधे घंटे का और समय मिल जाएगा।
श्री सभापतिः मेरे विचार से इसे कुछ देर के बाद लेना हमारे लिए बेहतर होगा।
* * * * * 12 सी.ए.डी. खंड 10, 16 अक्तूबर, 1949, पृष्ठ 342 वही, पृष्ठ 345