खंड आठ प्रारुप विधान का तीसरा पठन - Page 177

162 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

अपनी आजादी हासिल की, उस अद्वितीय तरीके इस संविधान सभा ने संविधान तैयार किया है। मैं नहीं समझता कि विश्व में अन्यत्र कहीं इतने लंबे समय लगभग तीन वर्षों तक संविधान सभा संविधान बनाने के निकाय के साथ-साथ देश संसद के रूप में कार्य किया होगा। तीन वर्षों के परिश्रम के बाद हमने संविधान तैयार किया है जिस पर हममें से प्रत्येक व्यक्ति को गौरव है....

1 श्री ब्राभुत दयाल हिम्मत सिंगका (पश्चिमी बंगालः जनरल) .. महोदय बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि संविधान किस प्रकार कार्य करता है और व्यक्ति इसका किस प्रकार उपयोग करता है। यदि आप कोई कार्य करने का प्रभार किसी मि. एक्स को सौंपते हैं, वह उस कार्य का बड़े ही सफलतापूर्वक पूरा कर सकता है लेकिन यदि आप उसके स्थान पर किसी और व्यक्ति का लाते हैं, जिसके पास भी वही संसाधन उपलब्ध हैं, वह सारी चीजों को गडमड करके रख देगा। बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि वह किस ढंग से कार्य करता है, कौन कार्य करता है और किस तरीके से कार्य करता है लोग तो हमेशा ही दोष ढूँढते रहेंगे किंतु कुल मिलाकर यह संविधान बड़ा ही संतोषजनक है और यदि यह समुचित ढंग से कार्य करें और समुचित रूप से लोग इसका समर्थन करें, तो मैं समझता हूँ कि सब कुछ संतोषजनक तरीके से आगे बढ़ेगा।

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2 श्री एच.वी. पटाश्करः त्रुटियाँ रहने के बावजूद, हमने संविधान में बहुत अच्छे प्रावधान किए हैं, जैसे कि वह अनुच्छेद जिसके माध्यम से जरूरत पड़ने पर सं­ विधान में संशोधन किए जा सकते हैं, संविधान एक सजीव विकास की प्रक्रिया है और मुझे आशा है कि आने वाले समय से हमारे बाद की पीढ़ी इस उपबंध का उपयोग करेगी और बदली हुई परिस्थितियों के अनुरूप अपने तरीके से संविधान में बदलाव लाएगी।

3 श्री बी.ए. मंडलोई (सी. पी. बरारः जनरल)ः अंत में महोदय मैं अपने कर्तव्य में विफल रहूँगा यदि मैं प्रारुप समिति के बारे में कुछ न कहूँगा। यह सुविदिन है कि समिति ने काफी कठिन और महत्वपूर्ण कार्य किया है। मैं जानता हूँ कि इस सभा के अंदर काफी विवादास्पद बहसों के दौरान प्रारुप समिति के अध्यक्ष ने अपने विचार प्रस्तुत करके विवाद को संतोषजनक ढंग से सुलझाया है। यह सभा प्रारुप समिति की सेवाओं की सराहना करती है और मैं समिति के अध्यक्ष, डॉ. अम्बेडकर को आजाद और स्वाधीन भारत का संविधान सफलतापूर्वक तैयार करने के लिए बधाई देता हूँ। संविधान 1 2 3 सी.ए.डी. आधिकारिक प्रतिवेदन, खंड वही पृष्ठ 674वही पृष्ठ 676 XI 18 नवंबर 1949, पृष्ठ 670