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किया जाना था। प्रारुप समिति का कोई सदस्य इतना अधिक अभिमानी कैसे हो सकता था कि सात सदस्यों की राय को इस सभा के कुल 308 सदस्यों पर थोपा जा सके।
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महोदय, यह मनोविज्ञान का स्वी कृ ति सिद्धांत है कि मानव पर्यावरण का एक जीव है। प्रारुप समिति के सदस्यों को सभी के समक्ष प्रारुप संविधान प्रस्तुत करने का विशेषाधिकार प्राप्त था, इस सार्वभौमिक सिद्धांत से बच नही सकता था। उन लोगों को देश में व्याप्त पर्यावरण और परिस्थितियों का ध्यान रखना पड़ा था और बहुत सारे उपबंधा लोकतंत्र के विरुद्ध कहे जा सकते हैं, प्रारूप समिति के सदस्यों को भी उन ताकतों जो प्रारुप समिति से श्रेष्ठ थी की बातों पर भी ध्यान रखना पड़ा था।
महोदय, मुझे याद है कि हमारे प्रारुप संविधान की कई धाराओं को सात-सात बार बदलना पड़ा था। धारा का प्रारूप समिति के प्रत्येक सदस्यों के सर्वोत्तम विचार के अनुरुप तैयार किया जाता है। इसकी जा ँ च सरकार के मंत्रालयी विभाग द्वारा की जाती है। उन लोगों की आलोचनाओं के आधार उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए नया प्रारुप बनाया जाता है। फिर इस पर सबसे बड़े समूह, सभा के बहुमत दल - मैं कांग्रेस संसदीय दल का संदर्भ देता ह ँ ू केवल वही इस सभा में मुद्रण का आदेश दे सकता है। और कभी-कभी तो हम पाते हैं, उनकी ही सिफारिशों को प्रारुप समिति के सदस्यों द्वारा समुचित रूप से कानूनी और संवैधानिक रुप प्रदान कर दिया जाता है।
महोदय, कोई भी मानव-निर्मित संविधान या दस्तावेज परिपूर्ण नहीं होता तथा यह कहना घिसा-पिटा तथ्य है कि हमेशा ही आदर्श से कम ही होता है। यद्धपि प्रारुप समिति का एक सदस्य ह ँ ू। मुझे इस संविधान में अपनाए गए बहुत सारे सिद्धांतों पर बहुत अधिक आपत्ति है। प्रारूप संविधान के किन्हीं उपबंधों की आलोचना करना मुझे शोभा नहीं देता क्योंकि मैं भी हमारे संविधान में शामिल करने के लिए प्रारुप समिति के अन्य सदस्यों की तरह जिम्मेदार ह ँ ू।
1 सै य् यद मुहम्मद सादुल्ला (असमः मुस्लिम)ः महोदय, दो सदियों तक पराधानीता और अपमान झेलने के पश्चात्, हमने अपने संविधान का प्रारूप तैयार किया है। इसका विचार आते ही मेरा मन रोमांचित हो उठता है, यह हमारे हृ दय को झकझोर देता है, किंतु फिर भी हम अपने दिल पर हाथ रखकर यह नहीं कह सकते कि वर्तमान प्रारूप संविधान पर बहुत अधिक खुशी और जोश का अनुभव हो रहा है। यह संविधान जो पारित किया जाएगा और कुछेक महीनों में कानून बन जाएगा, एक समझौतापूर्ण