6 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
महोदय यह मुझे ही अपमानजनक लगता है ...
* माननीय डा. बी.आर. अम्बेडकरः महोदय, मैं नहीं समझता कि यह संशोधन बहुत जरूरी है क्योंकि प्रिवी काउंसिल का क्षेत्राधिकार नियम संहिता द्वारा प्रदान किए गए विशेषाधिकार से भी प्रदान किया जा सकता है। इसलिए, ‘या अन्यथा’ शब्द’ बिल्कुल अनावश्यक है। हम केवल विशेषाधिकार से उत्पन्न क्षेत्राधिकार को ही नहीं बल्कि अन्य स्रोतों से उत्पन्न क्षेत्राधिकार को भी पूरी तरह से समाप्त करना चाहते हैं।
श्री सभापतिः अब मैं संशोधनों पर मत लूँगा।
{ सभी संशोधन अस्वीकृत हुए, खंड 2 विधेयक में जोड़ा गया }
खंड 3
* श्री टी.टी. कृष्णामचारी (मद्रासः जनरल)ः मेरे मित्र की टिप्पणियाँ कम पड़ सकती हैं यदि मैं यह बताऊँ कि फेडरल न्यायालय से वास्तव में कोई भी अपील प्रिवी काउंसिल में लंबित नहीं है ।
* सी.ए.डी. खंड 9, 17 सितंबर, 1949, पृष्ठ 1597
* वही, पृष्ठ 1598