भारत सरकार अध्नियम (संशोधन) विधेयक - Page 211

196 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

मित्र ने उल्लेख किया है, अर्थात् केंद्रीय विधानमंडल अधिनियम स्वयं ही भारत सरकार अधिनियम का एक संशोधन है।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः नहीं, नहीं, ऐसा नहीं है, संसद द्वारा एक पृथक अधिनियम पारित किया गया था। जिसे भारत (केंद्रीय सरकार और विधानमंडल) अधिनियम, 1946 कहा जाता है। यह संशोधन उस अधिनियम का एक संशोधन है। वह अधिनियम भारत सरकार अधिनियम 1935 के बाहर है।

श्री आर. के. सिधवाः संभवतः डॉ. अम्बेडकर को याद होगा कि कपास के बीज से कपास में अधिनियम संशोधन वास्तव में भारत सरकार अधिनियम का संशोधन था, जिसका उन्होंने कोई उल्लेख नहीं किया है।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः इसका अर्थ निश्चय ही छठे अधिनियम से है लेकिन लघु शीर्षक अधिनियम की संख्या से बिल्कुल अलग है। हम लोग लघु शीर्षकों की चर्चा कर रहे हैं।

श्री टी.टी. कृष्णमाचारी (मद्रासः जनरल)ः यह नामकरण का मामला है और वस्तुतः संसद द्वारा संशोधित पूर्ववर्ती अधिनियम है, उन्होंने अधिनियमों के लिए अलग-अलग नाम दिए हैं जिसका उद्देश्य भारत सरकार अधिनियम 1942 का संशोधन करना था। नामकरण के मामले को तार्किक ढंग से अंत तक पहुँचाने की जरूरत नहीं पड़ती।

श्री नजरुद्दीन अहमदः क्या कोई अधिनियम संख्या IV है?

श्री सभापतिः ऐसा लगता है।

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः है।

श्री नजरुद्दीन अहमदः मुझे यह नहीं मिला है।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः यदि आपके पास उसकी प्रति नहीं है, तो मैं क्या कर सकता हूँ।

श्री सभापतिः आखिरकार, शीर्षक तो नहीं बदलेगा न।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं उन्हें संख्या भी दे सकता हूँ, यदि वे चाहें तो।

1949 का अधिनियम संख्या I ‘‘भारत सरकार (संशोधन) अधिनियम 1949