भारत सरकार अध्नियम (संशोधन) विधेयक - Page 213

198 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

‘‘कि खंड 2 में निम्नलिखित सांविधिक संदर्भ जोड़े जाएँ।’’

‘‘52 और 53 विक्ट, सी 63

* माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः मैं केवल इतना कह सकता हूँ कि यह एक समान खंड हैं जो इस सभा ने भारत सरकार अधिनियम में संशोधन करने वाले अन्य अधिनियमों को पारित किया है इसलिए उसकी एकरूपता बनाए रखने तथा इस विशेष अधिनियम, का निर्वचन करने के लिए खंड 2 विधेयक का बड़ा ही आवश्यक भाग बन गया है।

मेरे मित्र के सुझाव के संबंध में उनका आशय यह है कि 1889 के निर्वचन अधिनियम के अध्याय की संख्या देने वाला एक मार्जिनल नोट होना चाहिए। यह मामला ड्राफटसमैन द्वारा विचार करने का है और यदि उसके विचार में ऐसा मार्जिनल नोट आवश्यक है तो निश्चय ही उन्हें इस मामले पर विचार करना होगा। यह खंड आया है, फिर भी मैं यह बताना चाहता हूँ कि अधिनियम संख्या V जैसा कोई खंड नहीं है। मैंने उस गलती की ओर ध्यान दिलाया था, लेकिन मेरे निर्णय को बदल दिया गया।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः वह एक आत्म-केंद्रित अधिनियम था। निर्वचन अधिनियम का उल्लेख करने की बिल्कुल ही जरूरत है।

नजरुद्दीन अहमद के संशोधित अस्वीकृत हुए तथा खंड 2 विधेयक में जोड़ा गया।

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* वही, पृष्ठ 929

$$ सी ए डी अधिकारिक परिवर्तन