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204 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

मित्र, डॉ. अम्बेडकर जा चुके हैं, अन्यथा मैं उन्हें यह बताना चाहता था कि उन्होंने इस उत्कृष्ट और कठिन कार्य को पूरा करने में अपनी प्रखर बुद्धिमत्ता को झोंक दिया हैः इसे प्रतिरोध रहित, अगम्य, अपराजेय बना दिया और लंबे-लंबे ताड़ के वृक्षों और छोटे-छोटे पोस्ते के पौधों को मिलाकर समतल बना दिया हैः उन्हें जो सही लगा, वही किया उसके परिणामों की चिंता नहीं की।

फिर सर अलादी का नाम आता है, जिनका सागर की तरह गहरा ज्ञान है और विश्व के संवैधानिक कानून की जानकारी तो उनकी अंगुलियों पर टिकी हुई है। उन्होंने इस संविधान को बनाने में महान योगदान दिया है। उनके द्वारा इसके ऊपर टीका लिखकर इसे पूर्ण बनाने का कार्य करना बाकी है। श्री संथानम ने उनसे अंतिम अनुरोध यही किया है और मुझे आशा है कि वह इसे पूरा करेंगे।

फिर हमारे श्री गोपालस्वामी आयंगर जी हैंः किसी बाला की तरह शर्मीले और संकोची स्वभाव के हैं, लेकिन यथार्थ और आदर्श को हमेशा मिलाकर तथा किसी कठोर मुद्दे पर कोमल और दयालु भरे दृष्टिकोण आधारित निर्णय लेकर विभिन्न अवसरों की आवश्यकता के अनुरूप सफलता की पूरी ऊँचाइयों को छूने में वे कामयाब रहे हैं। आपके अगले व्यक्ति है श्री मुंशी उनके जैसे इतने लचीले तथा गहरे ज्ञान वाले व्यक्ति हमें देखने को नहीं मिलते_ उनका विस्तृत और विविध ज्ञान_ उनकी तीक्ष्ण बुद्धिमत्ता और उनको तैयार और ताजातरीन जानकारी से हमें काफी सहायता मिली है।

श्री माधवराव अभी यहाँ नहीं हैं। वे मैसूर के दीवान थे उन्होंने हमारी समितियों में काफी मेहनत की थी उन्हें सहायक आयुक्त से लेकर दीवान बनने का विशाल अनुभव है जबकि मैं केवल चिकित्सा के संबंध में ही अध्ययन कर पाया हूँ। उन्होंने भी इस कार्य में अपना अच्छा योगदान दिया है।

फिर एक व्यक्ति का नाम आता है, जिन पर लोगों की नजर नहीं जाती और जिनके नाम की चर्चा मेरे किन्हीं मित्रों ने नहीं की है, उनके बारे में मैं कहूँगा कि वह बड़े ही मृदुभाषी तथा विनम्र व्यक्ति हैं, जिन्होंने इस सभा में विचार-विमर्श के दौरान अपने गहन अनुभव को दर्शाया है।

अंत में नाम आता है दुबले-पतले और लंबे व्यक्ति का जो मेरे सामने बैठे हैं, उन्होंने अपने प्रत्युत्तर और पुनरूत्तर के जोर से तथा तीक्ष्ण बुद्धिमत के साथ विरोधी पक्षों की हमेशा हवा निकाली है या उनके विरोध को छिन्न-भिन्न कर डाला है। लेकिन वह उस घाव को अपनी प्लास्टिक सर्जरी तथा बीमारी ठीक करने की शक्ति से भरने में भी महारत दिखलाई है और वह व्यक्ति हैं श्री टी.टी. कृष्णमाचारी।