212 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
के इन अंगों का कार्य करने के कारक लोग और राजनैतिक दलों पर निर्भर करता है, जो अपनी इच्छाओं और अपनी राजनीति चलाने के लिए उनका अपने साधन के रूप में इस्तेमाल करेंगे। यह कौन बता सकता है कि भारत के लोग तथा उनके दल किस प्रकार का व्यवहार करेंगे? क्या वे लोग अपने उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए संवैधानिक तरीकों का सहारा लेंगे या फिर वे लोग उन्हें प्राप्त करने हेतु क्रांतिकारी तरीके अंगीकार करते हैं, तो कितना भी अच्छा संविधान हो, इसकी विफलता की भविष्यवाणी करने के लिए किसी पैगंबर की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसलिए, लोगों तथा उनके दलों द्वारा निभाई जानी वाली भूमिका का संदर्भ लिए बिना संविधान के बारे में कोई निर्णय देना निरर्थक है।
संविधान की आलोचना मुख्य रूप से दो दलों कम्युनिस्ट पार्टी और सोशलिस्ट पार्टी की ओर से की गई है। वे क्यों संविधान की आलोचना करते है? क्या इसलिए आलोचना कर रहे हैं कि यह वास्तव में एक खराब संविधान है? मैं कहता हूँ कि ‘नहीं’। कम्यूनिस्ट पार्टी यह चाहती है कि संविधान सर्वहारा की तानाशही पर आधारित हो। सोशलिस्ट दो चीजें चाहती है। पहली चीज तो यह कि यदि वे सत्ता में आए तो संविधान में उन्हें इस बात की स्वतंत्रता हो कि वे बिना मुआवजा दिए सभी निजी संपत्ति का राष्ट्रीयकरण कर सकें। दूसरी चीज वह चाहती है कि संविधान में उल्लिखित मूल अधिकार पूर्ण होना चाहिए, उन पर न कोई प्रतिबंध नहीं होना चाहिए ताकि उकी पार्टी सत्ता में आने में यदि विफल रहे, तो उन्हें न सिर्फ आलोचना करने की बल्कि राज्य को समाप्त कर देने की निर्बाध स्वतंत्रता हो।
इन्हीं प्रमुख आधारों पर संविधान की निंदा की जा रही है। मैं यह नहीं कहता कि संसदीय लोकतंत्र का सिद्धांत ही एकमात्र आदर्श रूप है। मैं यह नहीं कहता कि मुआवजा दिए बिना निजी संपप्ति का अधिग्रहण कोई इतनी उल्लंघनीय चीज है कि इससे अलग नहीं हटा जा सकता। मैं यह नहीं कहता कि मूल अधिकार कभी भी पूर्ण नहीं हो सकते और उन पर लगाई गई शर्तों को कभी हटाया नहीं जा सकता। मैं यह कहता हूँ कि संविधान में शामिल किए गए सिद्धांत वर्तमान पीढ़ी के विचार हैं या यदि आपको लगता है कि यह अतिवादी वक्तव्य है तो फिर मैं करूँगा कि ये संविधान सभा के सदस्यों के विचार हैं। इन सिद्धांतों को संविधान में शामिल करने के लिए प्रारुप समिति के क्यों दोष दिया जाए? मैं तो यह कहूँगा कि संविधान सभा के सदस्यों को भी क्यों दोषी ठहराया जाए। जेफरसन, महान अमेरिकी राजनेता जिन्होंने अमेरिकी संविधान के निर्माण में इतनी महान भूमिका निभाई थी तथा उन्होंने कुछ इतने महत्वपूर्ण विचार प्रकट किए हैं, कि संवधिन बनाने वाले कभी भी उन विचारों की उपेक्षा नहीं कर सकते। एक स्थान पर उसने कहा है-