20 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
‘‘कि अनुच्छेद के खंड (2) के अंत में निम्नलिखित शब्द जोड़े जाएँः
‘‘जैसा कि यह भारत अधिराज्य के विधानमंडल के किसी अधिनियम की व्याख्या के लिए लागू हो।’’
यह सामान्य प्रयोजन अधिनियम के संदर्भ में है।
श्री जसवन्त राय कपूरः मुझे आश्चर्य होता है कि ऐसा करने की वास्वत में जरूरत भी है। यदि यह जरूरी भी हो, तो मैं नहीं समझता कि आप के द्वारा इस रूप में ‘जैसा कि यह भारत अधिराज्य के विधानमंडल के किसी अधिनियम की व्याख्या के लिए लागू हो’ लिखा जाना कहाँ तक सही है। चूंकि इसके बाद जब संविधान प्रभावी हो जाएगा तो कोई भी ऐसा कानून नहीं होगा जिसे ‘भारत अधिराज्य के विधानमंडल द्वारा पारित किया गया हो। भारत का अधिराज्य समाप्त हो जाएगा और भारत अधिराज्य के भीतर प्रभावी सभी अधिनियम भी स्वतः ही संघ के अधिनियम हो जाएँगे।