अनुच्छेद 304 - Page 46

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दो का स्वरूप औपचारिक है।

श्री सभापतिः मैं समझता हूँ अभी सभा को स्थगित करके फिर सभा में वापस आना असुविधाजनक होगा। अतः हम कार्य समाप्त होने तक बैठे या फिर कल बैठक करें।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः हमारे पास दो या तीन अनुच्छेद ही हैं और मुझे विश्वास है कि उन पर ज्यादा विवाद नहीं होगा और इसमें आधा घंटा समय भी नहीं लगेगा।

सेठ गोविंद दासः मैं नहीं समझता कि हम इसे एक घंटे में भी समाप्त कर सकते हैं। अनुच्छेद1 देश का नाम रखे जाने से संबंधित प्रश्न को निपटाता है। मुझे नहीं लगता कि हम इस सभी कार्यों को निपटा पाएँगे।

श्री सभापतिः सभा का बहुमत इस पक्ष में है कि हमें बैठक जारी रखनी चाहिए क्या मैं सही हूँ?

कई माननीय सदस्यः जी हाँ, महोदय।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः हम इस कार्य को समाप्त कर सकते हैं।

श्री नजरूद्दीन अहमदः इसे निपटाया जा सकता है। अनुच्छेद 1 को निपटाया जाना है और जब तक डॉ. अम्बेडकर मिठाइयों की व्यवस्था नहीं करते। नामकरण संस्कार आज नहीं हो सकता।