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32 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

अनुच्छेद 99

श्री सभापतिः तो फिर हम लोग अनुच्छेद 99 और 184 लेंगे।

1 माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूँः

कि अनुच्छेद 99 के स्थान पर निम्नलिखित अनुच्छेद प्रतिस्थापित किया जाए ः-

99 (1)भाग 14क में किसी बात के होते हुए भी, किंतु अनुच्छेद 301एफ

के उपबंधों के अधीन रहते हुए, संसद में कार्य हिंदी में या अंग्रेजी में किया

जाएगा_

परंतु, यथास्थिति, राज्य सभा का सभापति या लोक सभा का अध्यक्ष अथवा उस रूप में कार्य करने वाला व्यक्ति किसी सदस्य को, जो हिंदी में या अंग्रेजी में अपनी पर्याप्त अभिव्यक्ति नहीं कर सकता है, अपनी मातृ-भाषा में सदन को संबोधित करने की अनुज्ञा दे सकेगा।

(2) जब तक संसद विधि द्वारा अन्यथा उपबंध न करें तब तक इस संविधान के प्रारंभ से पंद्रह वर्ष की अवधि की समाप्ति के पश्चात् यह अनुच्छेद ऐसे प्रभावी होगा मानो ‘‘या अंग्रेजी में’’ शब्दों का उसमें से लोप कर दिया गया हो।

क्या मैं दूसरा संशोधन भी प्रस्तुत कर सकता हूँ। यह एक जैसा है।

श्री सभापतिः मैं समझता हूँ कि दोनों के बारे में एक जैसी ही बहस होगी।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः उन दोनों में बहुत अधिक समानता है।

श्री सभापतिः मैं उन पर अलग-अलग मत लूँगा।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः चर्चा हम एक ही बार कर सकते हैं। जहाँ तक चर्चा का संबंध है, तर्क मिला-जुलाकर समान ही होंगे।

महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूँः

कि अनुच्छेद 184 के स्थान पर निम्नलिखित अनुच्छेद प्रतिस्थापित किया जाएः-

184 (1) भाग 14 में किसी बात के होते हुए भी किंतु अनुच्छेद 301एफ

1 सी.ए.डी खंड 9, 17 सितंबर, 1949 पृष्ठ 1666