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अनुच्छेद 309
1 श्री सभापतिः फिर हम अनुच्छेद 309 को लेंगे।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः श्री बृजेश्वर प्रसाद द्वारा एक नया अनुच्छेद 307क को जोड़े जाने वाला एक संशोधन है।
श्री सभापतिः क्या इसे हम अभी लेंगे?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः इसे बाद में लिया जा सकता है।
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{ अनुच्छेद 309 स्वीकृत हुआ और संविधान में जोड़ा गया। }
अनुच्छेद 390-क और 310-ख
2 श्री टी. टी कृष्णमाचारीः अगला अनुच्छेद अर्थात् 310 अनुच्छेद से जुड़ा हुआ है। इन दोनों पर एक साथ विचार किया जा सकता है।
श्री सभापतिः अनुच्छेद 310 पर विचार किया जाना स्थगित किया जाता है। फिर सभा अगले अनुच्छेद 310-क और 310-ख पर विचार शुरू करेगी।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः महोदय, आपकी अनुमति से मैं संशोधन संख्या 12 थोड़े संशोधित रूप में इस प्रकार प्रस्तुत करता हूँः-
‘‘कि अनुच्छेद 310 के बाद निम्नलिखित नए अनुच्छेद अंतःस्थापित किए जाएँः-
इस संविधान के प्रारंभ से ठीक पहले पद धारण करने वाला भारत का माहलेखपरीक्षक, यदि वह अन्यथा निर्वाचन न कर चुका हो तो, ऐसे प्रारंभ पर भारत का नियंत्रक-महालेखापरीक्षक हो जाएगा और तब ऐसे वेतनों तथा अनुपस्थिति, छुट्टी और पेंशन के संबंध में ऐसे अधिकारों भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक के बारे में उपबंध का हकदार होगा जो भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक पदावधि की समाप्ति तक पद धारण का हकदार होगा जो ऐसे प्रारंभ से ठीक पहले उसे लागू होने वाले उपबंधों के अधीन अवधारित की जाए।
12 सी.ए.डी. खंड 10, 7 अक्तूबर, 1949, पृष्ठ 6वही, पृष्ठ 8