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श्री सभापतिः मैं अब डॉ. अम्बेडकर के संशोधन में अंतर्विष्ट अनुच्छेदों पर एक-एक कर मत लूँगा।
{ डॉ. अम्बेडकर के सभी संशोधन स्वीकृत हुए। अनुच्छेद 310-क और 310-ख संविधान में जोड़े गए। }
अनुच्छेद 311-क
1 माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूँः
311क (1) भारत डोमिनियन की संविधान सभा की ओर से निर्वाचित
सभापति भारत का अनंतिम राष्ट्रपति तब तक के लिए होगा, जब तक इस
संविधान के भाग ट के अध्याय प् में अंतर्विष्ट उपबंधों के अनुसार राष्ट्रपति
का निर्वाचन न हो जाए तथा वह अपना पदभार न संभाल ले।
(2) अनंतिम राष्ट्रपति की मृत्यु, पदत्याग या पद से हटाए जाने या अन्य
कारण से उसके पद में हुई रिक्ति की दशा में इस संविधान के अनुच्छेद
311 के अधीन कार्यरत अनंतिम संसद द्वारा इस संबंध में निर्वाचित व्यक्ति
इस रिक्ति को भरेगा और जब तक उसका निर्वाचन नहीं हो जाता, भारत का
मुख्य न्यायाधीश अनंतिम राष्ट्रपति के रूप में कार्य करेगा।’’
श्री सभापतिः इसमें दो संशोधन हैं। एक तो ‘राष्ट्रपति’ शब्द के पहले ‘अनंतिम’ शब्द हटाने के लिए है।
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूँः
‘‘सूची II के संशोधन संख्या 28 (पहले सप्ताह) में, प्रस्तावित अनुच्छेद 311क के खंड (1) में ‘अनंतिम’ शब्द हटा दिया जाए।
‘‘कि सूची II के संशोधन संख्या 28 (पहले सप्ताह) में, प्रस्तावित अनुच्छेद 311क के खंड (2) में, पहले स्थान पर आए ‘अनंतिम राष्ट्रपति’ शब्दों के स्थान पर ‘भारतीय डोमिनियन की संविधान सभा द्वारा यथानिर्वाचित राष्ट्रपति’ शब्द प्रतिस्थापित किए जाएँ।’’
‘‘कि सूची II के संशोधन संख्या 28 (पहले सप्ताह) में, प्रस्तावित अनुच्छेद 311क के खंड (2) में, दूसरे स्थान पर आए ‘अनंतिम राष्ट्रपति’ शब्द प्रतिस्थापित किए जाएँ।’’
1 सी.ए.डी. खंड 10, 7 अक्तूबर, 1949, पृष्ठ 9