अनुच्छेद 311-ख - Page 60

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‘‘सूची II (पहले सप्ताह) के संशोधन संख्या 28, प्रस्तावित अनुच्छेद 311-क के खंड (2) में पहले स्थान पर जहाँ ‘अनंतिम राष्ट्रपति’ शब्द आए हों, के स्थान पर ‘भारत अधिराज्य की संविधान सभा द्वारा निर्वाचित राष्ट्रपति’ शब्द प्रतिस्थापित किए जाएँ।’

प्रस्ताव स्वीकृत हुआ।

श्री सभापतिः फिर मैं वह संशोधन लूँगा जिसे डा. देशमुख द्वारा प्रस्तुत किए जाने की बात की गई थी लेकिन वास्तव में श्री शिब्बन लाल सक्सेना द्वारा उसे प्रस्तुत किया गया है।

प्रस्ताव अस्वीकृत हुआ।

( अनुच्छेद 311-क यथासंशोधित रूप में संविधान में जोड़ा गया। )

अनुच्छेद 311-ख

1 माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूँः

‘‘311ख (1) जिन व्यक्तियों को अनंतिम राष्ट्रपति जिन व्यक्तियों को इस बारे में नियुक्त करेगा, वे व्यक्ति इस संविधान के अधीन अनंतिम राष्ट्रपति की मंत्री परिषद के सदस्य हो जाएँगे और जब तक ये नियुक्तियाँ नहीं की जाती, संविधान के प्रारंभ के ठीक पहले वाले सभी व्यक्ति संविधान के अधीन अनंतिम राष्ट्रपति की मंत्री परिषद के सदस्य हो जाएँगे और इन पदों पर कार्य करते रहेंगे।’’

डॉ. पी.एस. देशमुखः महोदय, मैं अपने इस संशोधन प्रस्तुत को करने का जो यह अवसर आपने दिया है, उसके लिए आपका धन्यवाद करता हूँ। मैं प्रस्ताव करता हूँ।

‘‘कि उपर्युक्त संशोधन संख्या 13 में, प्रस्तावित नए अनुच्छेद 311-ख में ‘अनंतिम’ शब्द जहाँ कहीं आया हो, उसे हटा दिया जाए।’’

मैं यह बताना चाहता हूँ कि डा. अम्बेडकर ने इस संशोधन को लाए जाने के पीछे के अर्थ को स्वीकार कर लिया है। इसलिए मैं सभा का और समय नहीं लेना चाहता। यह कुल मिलाकर एक परिणामी संशोधन है।

1 सी.ए.डी. खंड 10, 7 अक्तूबर, 1949, पृष्ठ 12