अनुच्छेद 311-ख - Page 61

46 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

(संशोधन संख्या 15 प्रस्तुत नहीं किया गया।)

श्री सभापतिः मैं समझता हूँ कि डॉ. अम्बेडकर ने संशोधन को स्वीकार कर लिया है।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः जी, हाँ महोदय, मैं स्वीकार करता हूँ।

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* माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः सभापति महोदय, यह अनुच्छेद 311ख महज एक औपचारिक अनुच्छेद है जिसमें राष्ट्रपति को इस संविधान के आरंभ होने से तत्काल पूर्व विद्यमान मंत्रालय को आगे बनाये रखने की अनुमति प्रदान की गई है। यह अनुच्छेद लोक सेवा आयोग और लेखा महापरीक्षक के सदस्यों से संबंधित अन्य अनुच्छेदों जिसे हम पारित कर चुके हैं, के समान ही है। परिणामतः उन अनुच्छेदों और इस अनुच्छेद के बीच वास्तव में कोई मौलिक अंतर नहीं है। यदि इस अनुच्छेद 311ख के उपबंधों पर टिप्पणी करने वाले लोग यह तर्क देते हैं कि 26 जनवरी, 1950 के समारोह के अवसर पर किसी भी मंत्रालय का गठन नहीं किया गया जाना चाहिए जब तक कि उस मंत्रालय को संसद का विश्वास प्राप्त नहीं हो, तो मैं उस तर्क को स्वीकार करने के लिए बिल्कुल तैयार हूँ। लेकिन, मैं यह बिल्कुल नहीं समझ पा रहा हूँ कि यह अनुच्छेद किस प्रकार से संसद या मंत्रालय के लिए विश्वासमत हासिल करने को असंभव बनाता है। यदि संसद सदस्य ऐसा नहीं मानते हों कि विद्यमान मंत्रालय उन कार्यों का निर्वहन करने के लिए पर्याप्त रूप से सक्षम नहीं है जिसकी जिम्मेदारी उन लोगों पर है, तो यह इस सभा के लिए 26 जनवरी से पूर्व मंत्रालय के प्रति अविश्वास मत पारित करने और मंत्रालय को बर्खास्त करने का विकल्प खुला हुआ है। साथ ही प्रधानमंत्री के लिए अनंतिम राष्ट्रपति के समक्ष कैबिनेट के सदस्यों के नाम प्रस्तुत करने से पूर्व स्वयं अपने तथा अपने मंत्रालय के लिए सभा से सकारात्मक मत हासिल करने का भी विकल्प होगा। यदि प्रधानमंत्री या सभा 26 जनवरी, 1950 - जो कि इस संविधान के प्रभावी होने की संभावित तिथि है, से पूर्व अविश्वास या विश्वास का परीक्षण कराने की इच्छुक नहीं है तो यह अनुच्छेद 311ख 26 जनवरी के बाद अविश्वास प्रस्ताव करने और मंत्रालय को बर्खास्त करने की शक्ति सभा से नहीं छिन जाता।

इसलिए मुझे ऐसा लगता है कि अनुच्छेद 311ख के उपबंधों के बारे में जिन लोगों ने टिप्पणी की है वे लोग संभवतः ऐसा मानते हैं कि विद्यमान मंत्रालय स्वयं को नए संविधान के अधीन बनाए रखने के लिए कृत्सित प्रयास कर रहा है। वर्तमान में दरवाजे