अनुच्छेद 312 - Page 64

49

श्री सभापतिः क्या इसमें कोई संशोधन है। मुझे नही लगता कि इसमे कोई संशोधान हैं।

श्री एम. अनंतशयनम आंगरः यह सभी इस बात पर निर्भर करता है कि अग्रिम अवधि कब तक जारी रहती है। यदि यह अवधि छोटी सी हो तो फिर उसे विघटित करने की कोई जरूरत नही पडेगी लेकिन यदि वैसा नही हो तो क्या होगा? हम जानते है कि प्रत्येक वर्तमान सदस्य अपना कार्यकाल जारी रखना चाहेग और वे सभी व्यक्ति जिन्हें सदस्य बनने का मौका नही मिला है वे चाहेंगे कि सभा भंग की जाए। मै किसी सदस्य विशेष पर आक्षेप नहीं कर रहा हूँ मैं तो केवल उन परिस्थितियो के बारे में बता रहा हूँ जिनका मैने उल्लेख किया है। कुछ उपबंध होने चाहिए जहाँ भी जरूरी हो सभा मे परिवर्तन लाने और मतदाता के पास जाने का अवसर होना चाहिए।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः महोदय जो भी आपके द्वारा यह सब कह देने के बाद मैं नही समझता हूँ कि मुझे किसी भी मामले को और आगे बढ़ाने की जरूरत है। जहाँ तक संशोधित अनुच्छेद का संबंध है, मैं नही समझता कि उनके बारे में जो कुछ कहा गया है, उसके बारे में कोई उत्तर देने की जरूरत है।

श्री एच. वी. कामथः अघ्यक्ष से संबंधित खंड के बारे में क्या कहना है।

माननीय डा. बी. आर. अम्बेडकरः वह मूल प्रारूप में था।

श्री सभापतिः मैं अनुच्छेद 312 पर मत लूँगा।

प्रस्ताव हैः

‘‘कि प्रस्तावित अनुच्छेद 312 संविधान का भाग है।’’

प्रस्ताव स्वीकृत हुआ।

[ अनुच्छेद 312 संविधान में जोड़ा गया। ]

अनुच्छेद 312 क से 312 ड. और 312

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूँः

‘‘अनुच्छेद 312 के बाद निम्नलिखित नये अनुच्छंद अंतः स्थानित किये जाएँः-

312क. इस संविधान के प्रारंभ के ठीक पहले किसी प्रांत में राज्यपाल का

पद धारण करने वाला व्यक्ति इसके प्रांरभ के पश्चात् प्रथम अनुसूची के

1 सी.ए.डी. खंड 10, 7 अक्तूबर, 1949, पृष्ठ 23

* वही, पृष्ठ 23-24