अनुच्छेद 312 - Page 65

50 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

भाग 1 में वर्तमान में विनिर्दिष्ट किए जा रहे तत्स्थानीय राज्य का अनंतिम राज्यपाल तब तक के लिए हो जाएगा जब तक इस संविधान के भाग VI के अघ्याय II के उपबंधों के अनुरूप नया राज्यपाल नियुक्त नहीं हो जाएँ और वह पदधारण न कर ले।

312 ख. किसी राज्य के अनंतिम राज्यपाल जिन व्यक्तियो को इस बारे में नियुक्त करेगा, वे व्यक्ति इस संविधान के अधीन अनंतिम राज्यपाल की मंत्री परिषद के सदस्य हो जाएँगे और जब तक ये नियुक्तियाँ नही की जातीं, संविधान के प्रारंभ के ठीक पहले तत्स्थानी राज्य के मंत्री का पद धारण करने वाले सभी व्यक्ति संविधान के राज्य के अनंतिम राज्यपाल की मंत्री परिषद के सदस्य हो जाएँगे और इस पद पर बने रहेंगे।

312ग, पहली अनुसूची के भाग III में वर्तमान में विनिर्दिष्ट किए जा रहे किसी राज्य के विधानमंडल के सदन या सदनों का जब तक सम्यक रूप से गठन न हो चुका हो और इस संविधान के उपबंधों के अधीन पहले सत्र के अधिशवेन के तत्स्थानी भारतीय राज्य के विधानमंडल के रूप मे कार्यरत निकाय या प्राधिकरण द्वारा उन शक्तियों का प्रयोग किया जाएगा और उन कर्तव्यों का निर्वहन किया जाएगा जो इस संविधान के उपबंधों के माधयम से इस प्रकार विनिर्दिष्ट राज्य के विधानमंडल के सदन या सदनों को प्रदान किए गए हों।

312घ. पहली अनुसूची के भाग III में वर्तमान विनिर्दिष्ट किए जा रहे किसी राज्य के राजप्रमुख की मंत्री परिषद के सदस्य हो जाएँगें और जब तक ये नियुक्तियाँ नहीं की जाती, संविधान के प्रारंभ के ठीक पहले तत्स्थानी भारतीय राज्य में मंत्री पद धारण करने वाले सभी व्यक्ति संविधान के अधीन राजप्रमुख की मंत्री परिषद के सदस्य हो जाएँगे और इन पदों पर कार्य करते रहेंगे।

312ड. के लिए संशोधन संख्या 21 का प्रस्ताव करता हूँः

‘उपर्युक्त संख्या 16 में, प्रस्तावित नए अनुच्छेद 312घ के स्थान पर, निम्नलिखित प्रतिस्थापित किया जाएः-

‘‘312घ इस संविधान के प्रारंभ से तीन वर्षों की अवधि के दौरान इस संविधान के किन्हीं उपबंधों के अधीन चुनाव कराने के प्रयोजनार्थ, इस संविधान में अंतर्विष्ट किसी बात के रहते हुए भी, भारत या उसके किसी भाग की जनसंख्या का अवधारण इस तरीके से किया जाए, जैसा कि राष्ट्रपति के आदेश के द्वारा निदेश करें।’’