अनुच्छेद 312-ड. - Page 79

64 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

अनुच्छेद 312-घ

1 माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूँः

‘‘कि अनुच्छेद 312-घ के बाद निम्नलिखित नया अनुच्छेद स्थापित किए जाएँः

312 ड. (1) इस संविधान क्ष् उस अनुच्छेद के खंड (3) और (3क) में उल्लिखित रिक्तियाँ सहित द्व के अनुच्छेद 311 के खंड (1) के अधीन कार्यरत अनंतिम संसद के सदस्यों की सीटों में आकस्मिक रिक्तियाँ भरी जाएँगी और ऐसी रिक्तियों को भरने से संबंधित मामले (ऐसी रिक्तियों को भरने के लिए चुनावों में उत्पन्न शंकाओं अथवा विवादों या उससे संबंधित सभी मामले सहित) को विनियमित किया जाएगा।

(क) ऐसे नियमों के अनुसार जो इस संबंध में राष्ट्रपति द्वारा बनाया जाएगा।

(ख) भारत डोमिनियन की संविधान सभा में आकस्मिक रिक्तियों को भरने से संबंधित नियमों और ऐसे मामले जो ऐसी रिक्तियों को भरने के समय लागू हों अथवा इस संविधान के लागू होने से तुरंत पहले लागू हो, जो भी स्थिति हो, ऐसे अपवादों और संशोधनों के विषयाधीन जो कि उस सभा के सभापति द्वारा उसके शुरू होने से पूर्व और बाद में संघ के राष्ट्रपति द्वारा बनाए जा सकते हैं, के अनुसार जब तक ऐसे नियम नहीं बनाए जाते_ परंतु जहाँ कहीं भी ऐसी सीट, जैसा कि इस अनुच्छेद में उल्लिखित है, रिक्त होने से तुरंत पहले, वह सीट अनुसूचित जातियों या मुस्लिम या सिक्ख समुदाय द्वारा भर गई तथा वह पहली अनुसूची भाग I में वर्तमान में विनिर्दिष्ट किए जा रहे किसी राज्य का प्रतिनिधित्व करता हो, तो ऐसी सीट को भरने वाला व्यक्ति, जब तक कि संविधान सभा का सभापति अथवा संघ का राष्ट्रपति, जो भी स्थिति हो, अन्य प्रकार का उपबंध करना जरूरी या तात्कालिक समझे, उसी समुदाय का होगा। परंतु आगे पहली अनुसूची के भाग में वर्तमान में विनिर्दिष्ट किए जा रहे किसी राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्य की सीट किसी रिक्ति को भरने के लिए होने वाले चुनाव में उस राज्य की विधानसभा के प्रत्येक सदस्य को भाग लेने तथा मत देने का हक होगा।’’

फिर, मैं अलग व्याख्या को प्रतिस्थापित करने के लिए संशोधन संख्या 205 में अपना संशोधन प्रस्तुत कर रहा हूँ।

‘‘कि प्रस्तावित नये अनुच्छेद 312-च, के खंड (1) के स्पष्टीकरण के लिए